दिल्ली और आगरा के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा क्योंकि एक अप्रैल से यमुना एक्सप्रेसवे पर FASTag (फास्टैग) इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू होने वाला है।
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yamuna expressway
रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर चार फास्टैग लेन होंगे, जो तीन टोल प्लाजा के दोनों ओर होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अरुण वीर सिंह ने कहा कि जेपी कंपनी ने पहले एक निजी राजमार्ग होने के कारण FASTag शुरू करने से इनकार कर दिया था। इसे 15 फरवरी से शुरू होना था, लेकिन सभी तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि इस सप्ताह यमुना विकास प्राधिकरण, आईडीबीआई और जेपी इंफ्राटेक के प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ था। जिसके बाद अब अगले महीने से इस एक्सप्रेसवे पर फास्टैग सुविधा शुरू हो जाएगी।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL) के इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) अनुज जैन ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर FASTag अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। क्रैश बैरियर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि यह एक बड़ा काम है जिसमें कई दिन लग सकते हैं, लेकिन काम तेजी से चल रहा है।
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यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा, "आईडीबीआई अधिग्रहणकर्ता बैंक होगा और सात साल की अवधि के लिए परियोजनाओं के टोल प्लाजा के लिए टोल संग्रह और संबंधित प्रक्रियाओं का प्रबंधन करेगा।"
बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे 165 किलोमीटर लंबा है और यह नोएडा और आगरा को आपस में जोड़ता है। इसका संचालन जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL) करती है। इस एक्सप्रेसवे में 3 टोल प्लाजा पड़ते हैं- जेवर, मथुरा और आगरा।
यमुना एक्सप्रेसवे के जाबरा टोल पर वाहनों की कतारें
- फोटो : अमर उजाला
FASTag को इस साल 15 फरवरी से सभी नेशनल हाईवे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा लागू किया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने पहले घोषणा की थी कि वह एक फरवरी से राजमार्ग पर फास्टैग सिस्टम को लागू करेगा। हालांकि, कई कारणों की वजह से इसे लागू करने में देरी हुई।
15 फरवरी से FASTag के जरिए टोल संग्रह तेजी से बढ़ रहा है। NHAI ने कहा कि FASTag सिस्टम से हर दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के टोल कलेक्शन में मदद कर रहा है।