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जानें क्या है नितिन गडकरी के 12 घंटे की टोल पर्ची वाले मैसेज की सच्चाई, पढ़ें पूरी खबर

Sat, 15 Jun 2019 04:54 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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व्हाट्सअप और सोशल मीडिया पर रोजाना ही कई तरह के फर्जी मैसेजेज वायरल होते रहते हैं। कई लोग जाने-अनजाने में इन पर भरोसा करके सामने वाले से झगड़ा तक कर लेते हैं, लेकिन जब असलियत से सामना होता है, तो बेज्जती के साथ पछताना अलग पड़ता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से कहा जा रहा है कि टोल प्लाजा पर सिंगल या डबल साइड की जगह 12 घंटे की पर्ची कटवाने के लिए कहा जाता है।

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12 घंटे में वापसी पर नहीं लगेगा टोल

Toll 12 HRS viral Message - फोटो : AmarUjala
इस मैसेज में एक न्यूज पेपर की कटिंग शेयर की जाती है, जिसमें कहा जाता है “अगर आप टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाते हो, तो टोलकर्मी पूछता है कि एक साइड की दूं या दोनों साइड की। तो मित्रो मैं आपको बता दूं कि आप उन्हें कहें कि पर्ची 12 घंटे की दो, न की डबल या सिंगल साइड। अगर आप 12 घंटे में वापस आ सकते हो, तो आपको कोई टोल नहीं लगेगा।। पर्ची पर समय भी लिखा होता है”।  
 

आगे पढ़ें सच्चाई

whatsapp
हमें भी ये मैसेज मिला और हमने इसकी सच्चाई पता करने की ठानी। इस मैसेज को बनाने वाली लोग इतने शातिर हैं, कि मैसेज को अखबार की कटिंग का रूप दे दिया, ताकि भोलभाली जनता को भरोसा में लिया जा सके। लेकिन जिस तरह से ये मैसेज व्हाट्सअप, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है इससे लगता है कि शातिर अपनी करतूत में सफल हो गए हैं।
 

लोगों की नहीं हो रही सुनवाई

Twitter - फोटो : Twitter
ट्विटर पर भी लोग केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को टैग करके शिकायत कर रहे हैं कि टोलकर्मी 12 घंटे की बात से इंकार करते हुए उनकी पर्ची काट रहे हैं। लेकिन लोगों की शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही, साथ ही कोई इसे सच बता रहा है, तो कोई झूठ।
 

नहीं है ऐसा कोई आदेश

nitin gadkari
हमनें इस मैसेज की सच्चाई जानने के लिए पता किया तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने इस बारे में कोई भी आदेश नहीं दिया है। वहीं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से कोई भी ऐसा आदेश जारी नहीं किया गया है। साथ ही, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है। वहीं उनके मंत्रालय ने 28 दिसंबर 2018 में एक बयान जारी करके इसे गलत बताते हुए कहा था कि 12 घंटे की पर्ची देने का नियम नहीं है।   
 


 
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सिंगल जर्नी का बेस रेट

TOLL TAX - फोटो : amar ujala
मंत्रालय का कहना है कि 5 दिसंबर 2008 को जारी टोल वसूली नियमों के तहत टोल प्लाजा से गुजरने वाली गाड़ियों से 3 तरह के चार्ज लिए जाते हैं। सिंगल जर्नी, रिटर्न जर्नी और मंथली पास। रिटर्न जर्नी की पर्ची 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए होती है। वहीं रिटर्न जर्नी का किराया सिंगल जर्नी से डेढ़ गुना होता है।    

सिंगल जर्नी का बेस रेट

  • कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल – 0.65 रुपये प्रति किमी
  • लाइट कमर्शियल व्हीकल, लाइट गुड्स व्हीकल और मिनी बस – 1.05 रुपये प्रति किमी
  • बस या ट्रक – 2.20 रुपये प्रति किमी
  • हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट या मल्टी एक्सल व्हीकल – 3.45 रुपये प्रति किमी
  • ओवरसाइज्ड व्हीकल – 4.20 रुपये प्रति किमी
     
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