केंद्र सरकार का उपक्रम Energy Efficiency Services Limited (EESL), एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने 250 इलेक्ट्रिक कारों की खरीद के लिए एक टेंडर निकाला है। EESL के टेंडर के तहत सरकार सब-4-मीटर (4 मीटर से कम लंबी) श्रेणी की 150 इलेक्ट्रिक कारें और 4-मीटर से लंबी 100 इलेक्ट्रिक कारें खरीदेगी।
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Tata Nexon EV
- फोटो : For Reference Only
EESL के टेंडर में कहा गया है कि 250 इलेक्ट्रिक कारों पर सर्विस और मेनटेनेंस को लेकर कुछ जरूरी शर्तें लागू होंगी। ईईएसएल ने बताय है कि सभी कारों पर 3 साल की स्टैंडर्ड वारंटी के साथ 8 साल तक के लिए मेनटेनेंस अनिवार्य होगा। इसके अलावा कार के सर्विस और मेनटेनेंस से जुड़ी सेवाओं को भारत में कहीं भी उपलब्ध कराने की शर्त भी माननी पड़ेगी।
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Hyundai Kona
- फोटो : Hyundai
टेंडर के मुताबिक 4-मीटर से लंबी चार पहिया वाली 100 इलेक्ट्रिक कारों की आवश्यकता है, जो फुल चार्जिंग पर 300 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर सकती हैं। और 4-मीटर से छोटी या बराबर चार पहिया वाली 150 इलेक्ट्रिक कारों की जरूरत है, जो फुल चार्जिंग पर 250 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर सकती हैं।
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Mahindra e-Verito Electric Sedan
- फोटो : Mahindra
भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार बड़ा हो रहा है। सरकार के इस टेंडर के लिए टाटा, ह्यूंदै, महिंद्रा और एमजी दौड़ में शामिल हैं। तीनों ही कंपनियों ने सरकारी निविदा पर सहमति जताई है। महिंद्रा, टाटा और एमजी ने पहले भी सरकार को इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी की है।
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Hyundai Kona
- फोटो : Hyundai
टाटा मोटर्स Tata Nexon EV (टाटा नेक्सन) और Tigor EV (टिगोर ईवी) जैसी इलेक्ट्रिक कारें बनाती है, जिनकी कीमत भी तुलनात्मक रूप से कम है। जबकि सेडान सेगमेंट में महिंद्रा की E-Verito (ई-वेरिटो) इलेक्ट्रिक काफी समय से मौजूद है। बता दें कि Hyundai Motors की Hyundai Kona (ह्यूंदै कोना) की रेंज अन्य सभी इलेक्ट्रिक कारों से ज्यादा है। वहीं, MG ZS EV (एमजी जेडएस ईवी) भी सभी कारों को कड़ी टक्कर देती है।
उद्योग मंत्रालय ने देश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए चलाए जा रहे फेम-2 योजना की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। फेम-2 स्कीम की वैधता 30 जून को खत्म हो रही थी जिसे बढ़ाकर अब 30 सितंबर तक कर दिया गया है।
इस योजना में केंद्र सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की अहम भूमिका है। इस स्कीम के तहत देश के कई राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। फेम-2 स्कीम में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी शामिल किया गया है।