दिग्गज E-commerce (ई-कॉमर्स) कंपनी Amazon (अमेजन) 2025 तक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले डिलिवरी वाहनों के बेड़े में 10,000 Electric Vehicles (इलेक्ट्रिक वाहन) (ई-वाहन) शामिल करेगी। अमेजन की प्रतिद्वंद्वी ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart (फ्लिपकार्ट) पहले ही दिल्ली, हैदराबाद और बंगलूरू में अपने डिलिवरी वाहनों के बेड़े में ई-वाहनों को शामिल कर चुकी है।
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Jeff Bezos driving Amazon Electric Rickshaw
- फोटो : social media
अमेजन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह 2019 में भारत के कई शहरों में ई-वाहनों का परीक्षण कर चुकी है, जिसका विस्तार पूरे देश में किया जाएगा। इससे पहले कंपनी ने जून, 2019 में कहा था कि वह मार्च, 2020 तक डिलिवरी वाहनों के बेड़े में 40 फीसदी वाहनों को हटाकर उनकी जगह ई-वाहनों को शामिल करेगी। Amazon (अमेजन) के संस्थापक और सीईओ Jeff Bezos ने सोमवार को एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें वो इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाते दिख रहे हैं। इसके साथ ही बेजोस ने एलान किया कि वो भारतीय बाजार में अपनी कंपनी का Electric Delivery Rickshaw (इलेक्ट्रिक डिलिवरी रिक्शा) उतार रहे हैं।
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Jeff Bezos driving Amazon Electric Rickshaw
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कंपनी ने कहा, परीक्षण से टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोगी ई-वाहनों के विकास में मदद मिली है। भारत में मूल उपकरण निर्माताओं ने तिपहिया और चार पहिया वाहनों समेत 10,000 ई-वाहनों के बेड़े का डिजायन तैयार किया है। 2020 में ये वाहन दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, नागपुर और कोयम्बटूर समेत अन्य शहरों की सड़कों पर फर्राटा भरेंगे।
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Jeff Bezos Amazon kirana stores delivery points
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अमेजन ने कुछ दिन पहले ही देश में छोटी एवं मध्यम कंपनियों के डिजिटलीकरण करने और 2025 तक 10 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक अरब डॉलर (7,110 करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की है।
अमेजन ने कहा कि 2030 तक वह डिलिवरी वाहनों के बेड़े में ई-वाहनों की संख्या बढ़ाकर एक लाख करेगी। इससे साल 2030 तक सालाना 4 टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा। कंपनी के उपाध्यक्ष (ग्राहक आपूर्ति) अखिल सक्सेना ने कहा, हम ऐसी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचे।