एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होते समय वाहनों का दोबारा पंजीकरण कराना वाहन मालिकों के लिए एक सिर दर्द बन जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए, भारत सरकार ने वाहनों के लिए भारत (BH) सीरीज नंबर प्लेट लॉन्च करने का एलान किया है। नई बीएच सीरीज नंबर प्लेट में दावा किया जा रहा है कि यह वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही की अनुमति देता है, भले ही वे एक अलग राज्य में स्थानांतरित हो रहे हों और वाहन का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे राज्य का है। BH सीरीज की नंबर प्लेट 15 सितंबर 2021 से लागू होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने हाल ही में भारत सीरीज के वाहनों की अधिसूचना जारी की है। नई बीएच सीरीज के वाहनों के पंजीकरण को ट्रांसफर करने की भी जरूरत नहीं होगी और यह पूरे देश में मान्य होगा। यह सुविधा रक्षा कर्मियों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध होगी। नया नियम सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की वाहन कंपनियों के लिए भी प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, नई शुरू की गई बीएच सीरीज वाहन पंजीकरण प्लेट के लिए पात्र बनने के लिए निजी कंपनियों के कार्यालय चार या इससे ज्यादा राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में होने चाहिए।
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Number Plate
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इसका सबसे बड़ा फायदा ट्रांसफरेबल जॉब वाले लोगों को होगा, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। यह लोगों को हर बार नए राज्य में जाने पर अपने वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से बचाएगा और अपने स्थान को बदलने में काफी मददगार साबित होगा।
BH रजिस्ट्रेशन का फॉर्मेट YY BH #### XX रखा गया है। जिसमें BH पहले पंजीकरण के वर्ष को दर्शाता है, BH भारत सीरीज का कोड है, #### में 0000 से 9999 तक रैंडम नंबर होंगे, XX में AA से ZZ के अक्षर होंगे)।
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High security number plate
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BH सीरीज रजिस्ट्रेशन के तहत मोटर व्हीकल रोड टैक्स को पहले रजिस्ट्रेशन की तारीख से 14 साल तक हर दो साल में चुकाना होता है। उसके बाद, टैक्स की राशि आधी हो जाएगी और उस हर साल भरना होगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने अभी तक BH नंबर प्लेट पंजीकरण के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया की घोषणा नहीं की है। हालांकि, नए और पुराने वाहनों के लिए प्रक्रिया समान रहने की संभावना है। इस बीच, यहां हम आपको वे सभी डिटेल्स बता रहे हैं, जिन्हें आपको जानना जरूरी है।
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सांकेतिक
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1. सरकारी कर्मचारी:
यदि वाहन मालिक सरकारी क्षेत्र के लिए काम कर रहा है, तो उसे वाहन पंजीकरण दस्तावेज के साथ आधिकारिक पहचान पत्र देना होगा।
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High security number plate
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2. निजी क्षेत्र के कर्मचारी:
यदि आवेदक किसी निजी क्षेत्र की कंपनी या संगठन में काम कर रहा है तो उसे BH रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाहन पंजीकरण दस्तावेज से जुड़ा फॉर्म 60 देना होगा।
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Number Plate
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3. कितना लगेगा टैक्स:
बीएच रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने के दौरान, आवेदक को जीएसटी को छोड़कर वाहन की इनवॉयस कीमत के आधार पर दो साल के लिए रोड टैक्स का भुगतान करना होगा। अलग-अलग स्लैब के कीमतों वाले वाहनों के लिए राशि अलग-अलग होती है। 10 लाख रुपये से कम कीमत वाले वाहनों पर 8 फीसदी टैक्स लगेगा। जबकि 10 से 20 लाख रुपये के बीच की कीमत वाले वाहनों पर 10 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। 20 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहनों पर 12 फीसदी टैक्स लगेगा।
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Electric Car
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4. डीजल वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टैक्स अलग होगा:
डीजल से चलने वाले वाहनों से नियमित राशि के अलावा 2 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों से निर्धारित राशि से 2 फीसदी कम टैक्स वसूला जाएगा।
5. ऑनलाइन प्रक्रिया:
बीएच पंजीकरण प्लेटों को जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पूरी होगी। बीएच नंबर रैंडम तरीके से जेनरेट होंगे। बीएच सीरीज नंबर प्लेट सफेद बैकग्राउंड पर ब्लैक टेक्स्ट के साथ मिलेगी।