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पुरुषों को ‘चुनौती’ देते बाइकरनी ग्रुप्स, इनसे जुड़कर बाइकिंग के पैशन को करें साकार

Sat, 21 Nov 2020 08:23 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Royal Enfield Female Bikers - फोटो : PTI (File Photo)
आज भी सड़क पर जब किसी महिला को बाइक चलाते हुए देखते हैं, तो लोगों की गर्दन घूम जाती है। इसकी वजह है कि शायद आज भी पुरुषों की सोच है कि बाइकिंग पर केवल उनका ही अधिकार है। लेकिन अब महिलाएं पीछे की सीट पर बैठने की बजाय फ्रंट सीट पर बैठ रही हैं। रॉयल एनफील्ड बाइकिंग जैसी कंपनियां उनकी इच्छाओं को पंख दे रही हैं। अपनी बाइक के प्रमोशन में वे महिलाओं को फोकस कर रही हैं, जो बदलती सोच का नतीजा है।बाइकिंग का पैशन रखने वाली महिला बाइकर्स लेदर जैकेट, सनग्लासेज और ग्लव्स पहन कर जब सड़कों पर अपने ग्रुप के साथ निकलती हैं, लोग लोग आंखें फाड़ कर देखते रह जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही महिलाओं के बाइकिंग ग्रुप्स के बारे में...
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The bikerni - फोटो : Bikerni

द बाइकरनी

2011 में महिला बाइकर उर्वशी पटोला ने ‘द बाइकरनी’ ग्रुप बनाया था, यह महिला बाइकर्स का  सबसे पहला ग्रुप है। इस ग्रुप से 1600 से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं। कई नामी रिकॉर्ड्स इस ग्रुप के नाम हैं। 2013 में ग्रुप की महिलाएं बड़ी संख्या में लदाख के खारदुगं-ला तक पहुंची थीं, जिसके लिए इनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था। इस ग्रुप का सदस्य बनने के लिए ग्रुप के सदस्यों के साथ तीन राइड्स पूरी करनी पड़ती हैं।
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riderni anjali rajan - फोटो : Riderni

राइडरनी

2012 में अहमदाबाद की अंजली राजन ने यह ग्रुप शुरू किया था। इस ग्रुप में 20 साल से लेकर 50 साल तक की महिलाएं बतौर सदस्य शामिल हैं। अंजली का सोचना था कि गुजरात में महिला बाइकर बेहद कम हैं क्योंकि यहां अधिकांश महिलाओं को बाइक चलाना ही नहीं आता है। इस ग्रुप की महिलाएं सामाजिक न्याय में भी भरोसा करती हैं और महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों पर जागरूकता लाने के लिए निर्भया के पक्ष में रैलियां भी कर चुकी हैं।

 

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biking queens sarika mehta in middle - फोटो : biking queens

बाइकिंग क्वींस

2015 में सूरत की सारिका मेहता ने सुपर बाइकर्स ग्रुप शुरू किया था, जिसमें बेहद प्रीमियम सुपर बाइक्स शामिल हैं। वहीं यह ग्रुप बाइकिंग के पैशन के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी जागरुककता फैलाता है। शानदार बाइकिग जैकेट्स और इंपोर्टेड सुपर बाइकों पर जब ये ग्रुप सड़कों पर निकलता है, तो लोगों की आंखें फटी रह जाती हैं। यह ग्रुप अभी तक 3 महाद्वीप, 25 देश और 25 हजार किमी का सफर तय कर चुका है। सामाजिक मुद्दों पर जागरुकता फैलाने को लेकर यह ग्रुप प्रधानमंत्री मोदी से भी मिल चुका है।  

 
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Hop On Gurls - फोटो : Hop On Gurls

होप ऑन गल्स

2011 में बना बैंगलुरु का यह होप ऑन गर्ल्स ग्रुप रॉयल एनफील्ड का शौकीन है। इनके ग्रुप की सभी महिलाएं केवल रॉयल एनफील्ड की बाइक्स चलाती हैं। इनका कहना है कि बुलेट चलाने का मतलब है कि आजादी का अहसास। हर तीन महीने में ग्रुप की महिलाएं लंबी ट्रिप्स आयजित करती हैं। साथ ही समय समय पर टिप्स और ट्रिक्स भी शेयर करती हैं। वहीं पुणे और मैसूर में भी इसकी ब्रांच हैं।

 
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Bengal Lady Bikers - फोटो : Get bengal

बंगाल लेडी बाइकर

कोलकाता की महिला बाइकर्स ने इस ग्रुप को शुरू किया था। राइमा समुई और महुआ पोले ने यह ग्रुप 2011 में शुरू किया था। ये ग्रुप उत्तराखंड से लेकर कश्मीर तक का रास्ता तय कर चुका है। इस ग्रुप में सभी के पास अपनी बाइक है। ये ग्रुप देशभऱ में अभी तक 50 से ज्यादा ट्रिप्स कर चुका है। इनका मानना है कि राइडिंग के पैशन के साथ रोड सेफ्टी का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। ये लोग समय-समय पर बाइकिंग को लेकर वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं।  
 
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