वर्ष 2025 में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि दुनिया भर के वाहन खरीदार अपनी अगली खरीदारी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की संभावना रखते हैं।
वर्ष 2025 में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि दुनिया भर के वाहन खरीदार अपनी अगली खरीदारी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की संभावना रखते हैं। जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
2 of 5
Electric Car
- फोटो : Freepik
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) फ्यूचर-रेडी ईमोबिलिटी स्टडी 2025 में उत्तरी अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कॉन्टिनेंटल यूरोप और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 1,300 से ज्यादा उत्तरदाताओं को शामिल किया गया। अध्ययन में इस बात पर रोशनी डाली गई है कि 2025 में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में बढ़ोतरी मुख्य रूप से पर्यावरणीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने और इंटरनल कंब्शन इंजन-संचालित समकक्षों की तुलना में ईवी द्वारा दी जाने वाली परिचालन लागत बचत के कारण होगी।
विज्ञापन
3 of 5
Electric Car
- फोटो : Freepik
अध्ययन में दावा किया गया है कि संभावित वाहन खरीदारों में से 63 प्रतिशत अपनी अगली खरीदारी के रूप में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विचार कर रहे हैं। इसने आगे खुलासा किया कि लगभग 56 प्रतिशत उत्तरदाता इलेक्ट्रिक वाहन पर 40,000 डॉलर तक खर्च करने को तैयार हैं। जो भारतीय मुद्राओं में लगभग 35 लाख रुपये है।
4 of 5
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बढ़ते उत्साह के बावजूद, ईवी को अपनाने में कुछ गंभीर बाधाएं भी हैं। जिनमें वहनीयता और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। बैटरी के प्रदर्शन में तकनीकी प्रगति भी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं और 74 प्रतिशत वाहन निर्माताओं ने पर्याप्त ईवी चार्जिंग नेटवर्क की कमी को एक प्रमुख चुनौती माना। जिससे इस क्षेत्र में तुरंत निवेश की जरूरत पर जोर दिया गया।
ईवी आउटलुक
अध्ययन से पता चलता है कि 90 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं का मानना है कि बैटरी रेंज और चार्जिंग स्पीड में सुधार से इलेक्ट्रिक वाहनों के डिजाइन और प्रदर्शन पर काफी असर पड़ेगा। इस बीच, 55 प्रतिशत ईवी निर्माता बैटरी अनुसंधान और विकास में निवेश कर रहे हैं। और 78 प्रतिशत बढ़ती उपभोक्ता मांग को पूरा करने के लिए वाहन की लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। निर्माताओं का मानना है कि बैटरी टेक्नोलॉजी, लागत में कमी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण निवेश के साथ, ईवी उद्योग अपने स्थिरता लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है।