Vish Yog on 15th April: जैसा कि नाम से पता चलता है, विष योग व्यक्ति के लिए एक जहरीला जीवन बनाता है। जब चंद्रमा और शनि युति बनाते हैं, तो विष योग प्रकट होता है। विष योग का निर्माण जन्म कुण्डली में चन्द्रमा और शनि जिस स्थान पर जुड़े होते हैं उसके आधार पर होता है। शनि की तीसरी और दसवीं दृष्टि विष योग का सौम्य रूप बनाती है। चंद्रमा एक राशि में ढाई दिन तक रहता है और फिर दूसरी राशि में गोचर करता है। वहीं शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है। शनि जिस राशि में स्थित होता है उस राशि में साढ़े साती दिन का मध्य चरण शुरू होता है। चूंकि 17 जनवरी 2023 से शनि कुंभ राशि में है और 15 अप्रैल 2023 को चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेगा और इसलिए कुंभ राशि में विष योग का निर्माण होगा। इस दौरान तीन राशियों को सावधान रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां।