Vat Savitri Vrat: आज 30 मई, सोमवार को वट सावित्री व्रत रखा जा रहा है। वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। हिन्दू धर्म में इस व्रत का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। इसलिए वट सावित्री व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। विवाहित महिलाएं इस व्रत को विधि-विधान के साथ रखती हैं। इसके लिए विशेष पूजा सामग्री का ध्यान रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा से रखने पर पति की लंबी आयु व संतान प्राप्ति फलित होती है। इस दिन विवाहित महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करती हैं और उसके चारों ओर कलावा बांधती हैं। वैसे तो अमावस्या तिथि ही अपने आप में महत्वपूर्ण तिथि होती है। लेकिन ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है। इस दिन शनिदेव की पूजा विधि विधान से करना बेहद लाभकारी होता है। मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती पर कुछ उपाय करना उत्तम माना जाता है। आइए जानते हैं क्या हैं ये उपाय।