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Vastu Tips For Sleeping Direction: वास्तु नियम के अनुसार किस दिशा में सिर करके सोना चाहिए

Thu, 01 May 2025 12:46 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

वास्तु शास्त्र में बेडरूम में सोने की दिशा के नियम बताए गए हैं। सोने की दिशा अगर सही नहीं तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आती है। वास्तु के अनुसार जानते हैं किस दिशा में सोना अच्छा होता है। 
 
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वास्तु में सोने की दिशा के नियम - फोटो : freepik
Vastu Tips For Sleeping Direction: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोने की दिशा का हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और समृद्धि पर गहरा प्रभाव पड़ता है। सही दिशा में पैर करके सोने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। वास्तु शास्त्र का विज्ञान इस बात पर आधारित है कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र हमारे शरीर पर कैसा प्रभाव डालता है। जब हम सही दिशा में सोते हैं, तो हमारे शरीर का ऊर्जा संतुलन बना रहता है, जिससे स्वास्थ्य और मनःशांति में सुधार होता है। सही दिशा में सोने से तनाव में कमी, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि, और बेहतर नींद प्राप्त होती है।
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sleep - फोटो : adobe stock
दक्षिण दिशा में पैर करके सोना
दक्षिण दिशा के स्वामी यम देवता होते हैं। चुंबकीय सिद्धांत के अनुसार पश्चिम दिशा में सिर करके सोना अच्छा माना जात है। वहीं वास्तु शास्त्र में शयन के लिए दक्षिण दिशा को सर्वोत्तम माना गया है। इसके अनुसार सिर को दक्षिण और पैर को उत्तर दिशा में रखकर सोने से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है। यह दिशा पृथ्वी के चुंबकीय प्रभाव के साथ सामंजस्य रखती है और इसलिए, इस दिशा में सोने से मन में शांति बनी रहती है, तनाव में कमी आती है, और गहरी नींद आती है। जो लोग अनिद्रा या थकान की समस्या से परेशान रहते हैं, उन्हें दक्षिण दिशा में सोने की सलाह दी जाती है।
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sleep - फोटो : adobe stock
पूर्व दिशा में पैर करके सोना
वास्तु के अनुसार, पूर्व दिशा में सिर और पश्चिम दिशा में पैर करके सोने से मानसिक शक्ति और एकाग्रता में वृद्धि होती है। पूर्व दिशा ज्ञान और सफलता की दिशा मानी जाती है, इसलिए विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, और उन लोगों के लिए यह दिशा लाभकारी मानी जाती है, जिन्हें अपने कार्य में मानसिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह दिशा याददाश्त में सुधार और सृजनात्मकता को बढ़ावा देती है।

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नींद - फोटो : Freepik.com
उत्तर दिशा में पैर करके सोने के नुकसान
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा में सिर रखकर सोना अत्यधिक हानिकारक माना गया है। यह दिशा चुंबकीय प्रभाव के कारण मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डालती है और इससे सिरदर्द, थकान, और मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। इस दिशा में सोने से शरीर की ऊर्जा असंतुलित होती है और गहरी नींद में भी बाधा आती है। इसलिए, वास्तु शास्त्र उत्तर दिशा में सोने की मनाही करता है।

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नींद - फोटो : Freepik.com
पश्चिम दिशा में सोने के नुकसान
वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा की तरफ सिर करके सोने को अच्छा नहीं माना जाता। इस दिशा में सोने से पृथ्वी की चुंबकीय शक्ति का प्रभाव व्यक्ति के खिलाफ होता है। इसके अलावा ज्योतिष में पूर्व दिशा के स्वामी सूर्यदेव होते हैं जो सिर के कारक और पश्चिम दिशा के स्वामी शनि देव जो पैरों का कारक माने जाते हैं। सूर्य और शनि का संबंध पिता-पुत्र का होता है, लेकिन ये इनमें आपस में शत्रुता का भाव रहता है। पश्चिम दिशा जो कि शनि की दिशा मानी जाती है ऐसे में सिर करके सोने से मानसिक रोग, कष्ट, चिंता और रोग प्राप्त होते हैं। वहीं अच्छी सेहत, नींद और एकाग्रता के लिए दक्षिण या फिर पूर्व दिशा की तरफ सिर करके सोना हमेशा शुभ होता है।

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