शंख
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शंख का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, जिस घर के पूजा स्थल में देवी लक्ष्मी के साथ शंख की स्थापना भी की जाती है और नियमित इसकी पूजा होती है, वहां देवी लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं। ऐसे घर में धन संबंधी परेशानी कभी नहीं आती है। जहां कहीं भी शंख ध्वनि होती है वहां लक्ष्मीजी सम्यक रूप प्रकार से विराजमान रहती हैं। दक्षिणावर्ती शंख के शीर्ष में चन्द्र देवता, मध्य में वरुण, पृष्ठ भाग में ब्रह्मा और अग्र भाग में गंगा , यमुना तथा सरस्वती का वास माना गया है। इसके पवित्र जल को तीर्थमय माना जाता है। जो शंख के जल से स्नान कर लेता है ,उसे सम्पूर्ण तीर्थों में स्नान का फल प्राप्त हो जाता है। जहां पर शंख रहता है, वहां भगवान श्रीहरि, भगवती लक्ष्मी सहित सदा निवास करते हैं और अमंगल दूर से ही भाग जाता है। शंख का जल सभी को पवित्र करने वाला माना गया है, इसी वजह से आरती के बाद श्रद्धालुओं पर शंख से जल छिड़का जाता है।