बांसुरी बांस से बनी होती है, जिसके पौधे को दिव्य माना जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो लोग अपनी नौकरी से परेशान रहते हैं या काफी मेहनत के बाद भी अपने बिजनेस में ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर पाते, से उनकी सारी मुश्किलें आसान कर सकता है। बांस को उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। शादी हो या फिर कोई और मांगलिक काम हर जगह इस पौधे को जरूरी माना गया है।
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बचपन में भगवान श्री कृष्ण हमेशा अपने पास बांस की बांसुरी रखते थे। इसका कारण भी संभवतः यही था कि उन पर हमेशा आसुरी शक्तियों का भय बना रहता था। आसुरी शक्तियों को कमज़ोर करने एवं उन पर विजय पाने में बांसुरी द्वारा उत्पन्न सकारात्मक उर्जा से उन्हें मदद मिलती थी।
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वास्तु एवं फेंगशुई के अनुसार घर में अगर किसी प्रकार का वास्तु दोष है तो घर के मुख्य द्वार पर बांस की दो बांसुरी लटका देनी चाहिए। इसके हिलने से जो उर्जा उत्पन्न होती है वह वास्तु दोष एवं नकारात्मक उर्जा से घर को मुक्त बनाती है।
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बेडरूम में बेड के ऊपर बीम का होना वास्तु के अनुसार बहुत ही अशुभ होता है। इससे मानसिक तनाव एवं दांपत्य जीवन में दूरियां बढ़ती है। इस दोष को दूर करने के लिए सबसे आसान तरीका यह है कि दो बांसुरी लेकर उसे बीम के दोनों तरफ लाल फीते से बांध दें। इसमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बांसुरी की मुंह बेड की ओर रहे।
बांस की बांसुरी या पौधा ड्राईंग रूप में लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मन में आशा का संचार होता है और मनोबल बढ़ता है। बांस के इन्हीं दिव्य गुणों के कारण बांस को जलाना शुभ नहीं माना जाता है।