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Vastu Tips For Balcony: अपनी बालकनी की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए करें ये काम

Mon, 20 Jan 2025 10:54 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बालकनी से जुड़े वास्तु टिप्स सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बालकनी की दिशा को लेकर कई नियम बनाए गए हैं, जिनकी मदद से व्यक्ति के जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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वास्तु टिप्स - फोटो : amar ujala
Vastu Tips For Balcony: वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी और छत घर की ऊर्जा को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बालकनी से जुड़े वास्तु टिप्स सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बालकनी की दिशा को लेकर कई नियम बनाए गए हैं, जिनकी मदद से व्यक्ति के जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। यदि किसी ने गलत दिशा में बालकनी बना ली तो उस घर में रहने वालों को दुख और दुर्भाग्य ही मिलेगा। अगर बालकनी या छत गलत दिशा में बनाई गई है, तो वे सकारात्मकता के प्रवाह को रोक सकती हैं। छत और बालकनी घर में हवा और सूरज की रोशनी सुनिश्चित करती हैं, इसलिए उनकी स्थिति सबसे महत्वपूर्ण है। यहाँ बालकनी वास्तु दिशा-निर्देश दिए गए हैं जिन्हें आप अपने घरों में शामिल कर सकते हैं।

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वास्तु टिप्स - फोटो : adobe stock
बालकनी का निर्माण उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में किया जाना चाहिए। दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण दिशा में बालकनी वाले घर से बचना चाहिए। अगर बालकनी बड़ी हो तो फर्नीचर रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा का इस्तेमाल करना चाहिए। फर्नीचर लोहे के बजाय लकड़ी का होना चाहिए। बालकनी के पूर्व और उत्तरी किनारों को झाड़ियों और इनडोर पौधों से सजाया जा सकता है जबकि लंबे और मोटे पौधों को दक्षिण और पश्चिमी दिशा में रखा जाना चाहिए। 
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वास्तु टिप्स - फोटो : adobe stock
उत्तर-पूर्व में बालकनी के रूप में फ्लैट का विस्तार शुभ माना जाता है जबकि दक्षिण और पश्चिम में फ्लैट तक फैली बालकनी नकारात्मक मानी जाती है। उत्तर में बालकनी धन को आकर्षित करती है, पूर्व में स्वास्थ्य और अवसर को आकर्षित करती है, पश्चिम में मुकदमेबाजी को आकर्षित करती है और दक्षिण में आग के खतरों को आकर्षित करती है। बालकनी को साफ और अव्यवस्था मुक्त रखना उचित है।
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वास्तु टिप्स - फोटो : adobe stock
बालकनी की दीवारों पर हल्के कलर पैलेट और पेस्टल रंगों का चयन करें। बालकनी की छत पूरे घर की छत से कम होनी चाहिए। यदि आप बालकनी में झूला लगाने की योजना बना रहे हैं, तो यह उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए ताकि आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो। बालकनी  का आकार हमेशा चौकोर या आयताकार होना चाहिए, किसी अन्य आकार से बचना चाहिए।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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