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Ayodhya Ram Darbar: हर घर में क्यों होना चाहिए राम दरबार? जानें महत्व और वास्तु नियम

Thu, 05 Jun 2025 12:38 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ram Darbar Pran Pratishtha: आज यानी 5 जून को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। वास्तु नियमों के अनुसार घर में भी राम दरबार रखना शुभ होता है। 
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Ram Darbar Pran Pratistha - फोटो : अमर उजाला।
Ram Darbar Vastu Niyam: आज अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार और 14 अन्य मंदिरों की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। पिछले वर्ष 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में रामलला (भगवान राम के बालस्वरूप) की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। 
Ram Darbar Pran Pratishtha: आज राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा , केवल 17 मिनट का होगा शुभ योग, जानिए महत्व
राम दरबार में राम जी के साथ उनकी पत्नी देवी सीता, भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान जी, सूर्य देव, देवी अन्नपूर्णा, देवी भगवती, शिवलिंग और गणेश जी विराजमान होते हैं। वहीं सप्त मंडप में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, अगस्त्य मुनि, शबरी, अहिल्या और निषाद राज विराजे होते हैं। घर में राम दरबार रखना काफी शुभ माना जाता है।  इसी क्रम में आइए जानते हैं राम दरबार घर में रखने का महत्व और इसके वास्तु नियम क्या हैं। 
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राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा - फोटो : adobe stock
राम दरबार का आध्यात्मिक महत्व
जिस घर में श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी एक साथ विराजमान हों, वहां का वातावरण खुद-ब-खुद अनुशासित, शांत और सकारात्मक बन जाता है। राम दरबार सिर्फ एक मूर्ति नहीं, एक ऊर्जा है जो घर के हर कोने में प्रेम, समर्पण और एकता का संचार करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राम दरबार की नियमित पूजा से मोक्ष तक का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
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राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा - फोटो : adobe stock
राम दरबार के वास्तु नियम
  • राम दरबार की मूर्ति या तस्वीर दोनों घर में रखी जा सकती है।
  • मूर्ति को घर के मंदिर में 'पूर्व दिशा' में स्थापित करें।
  • तस्वीर को पूर्व दिशा की दीवार पर ऊँचाई पर लगाएं।
  • मूर्ति की ऊंचाई 6 इंच से अधिक न हो।
  • मूर्ति पीतल, पत्थर, चांदी या सोने की होनी चाहिए।
  • राम दरबार की तस्वीर में सभी पात्र  श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी स्पष्ट रूप से हों।
  • राम दरबार में टूटी-फूटी मूर्तियाँ न रखें।
  • राम दरबार को रसोई, शौचालय या बेडरूम के पास न रखें।
  • पूजा स्थान स्वच्छ, शांत और व्यवस्थित होना चाहिए।
 
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राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा - फोटो : adobe stock
राम दरबार की पूजा विधि 
  • ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर के स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • गंगाजल से घर व पूजा स्थान को शुद्ध करें।
  • एक चौकी पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएं।
  • राम दरबार की मूर्ति या तस्वीर को पूर्व दिशा में रखें।
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से श्रीराम का अभिषेक करें। 
  • रोली, अक्षत, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं, अगरबत्ती लगाएं।
  • रामलला की आरती करें। 
  • रामचरितमानस का पाठ करें या "श्रीराम जय राम जय जय राम" मंत्र जपें।
  • प्रसाद सभी को बाँटें और खुद भी ग्रहण करें।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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