तस्वीर लगाने की सही दिशा
जिन्होंने शरीर धारण किया है चाहे वे पितृ हैं या गुरु हैं,जो देव तुल्य हो गए हैं उनकी पूजा सदैव दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा में की जा सकती है। पूर्व, पूर्वोत्तर या उत्तर में नहीं, क्योंकि ये ईश की दिशा मानी गई है। इसलिए भूलकर भी घर के मंदिर में कभी भी पितरों की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए इससे देवी-देवता रुष्ट हो जाते हैं और पूजा सम्पन्न नहीं हो पाती और न ही पूजा का फल मिलता है। वास्तु कहता है कि पूजाघर के अलावा,पूजाघर की दीवारों या जिस कक्ष में पूजाघर बना हुआ है,वहां भी पितरों की तस्वीर लगाने से कष्ट उठाने पड़ सकते है।