शनि का नाम सुनते ही लोगो के मन में डर बैठ जाता है, लेकिन शनि को एक न्याय प्रिय ग्रह माना गया है। शनि जातक को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। बुरे ककर्म करने वालों को शनि दंडित करते हैं। अच्छे कर्म करने वालों पर शनि अपनी कृपा बरसाते हैं। यही कारण हैं कि उन्हें न्यायधीश कहा जाता है। माना जाता है कि जिन लोगों पर शनि की शुभ दृष्टि रहती है, उन्हें किसी प्रकार का अभाव नहीं रहता है। वहीं शनि की वक्र दृष्टि जिस पर पड़ती है, उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि जिससे शनि क्रोधित हो जाएं, उसे राजा से रंक बनने में समय नहीं लगता है। यही वजह है कि लोग शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं। शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं, परंतु इससे पहले ये जानना आवश्यक होता है कि शनि आपसे प्रसन्न हैं या नाराज...ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुछ लक्षणों से हम शनि के भारी होने की पहचान कर सकते हैं।