ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य को आत्मा का कारक और पिता का प्रतिनिधित्व माना गया है। कुंडली में सूर्य के मजबूत होने या कमजोर होने पिता और पुत्र के बीच संबंध अच्छे या कटु बनते हैं। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, सफलता और नौकरी का कारक माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य अच्छे भाव में होता है उनको जीवन में मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष में सूर्य को सिंह राशि का स्वामी कहा गया है। मेष राशि सूर्य की उच्च राशि और तुला राशि सूर्य की नीच राशि मानी गई है। फलित ज्योतिष के अनुसार यश और राजसत्ता के कारक ग्रह भगवान सूर्य ग्यारह महीने बाद 17 अक्टूबर को अपनी नीच संज्ञक राशि तुला में प्रवेश कर रहे हैं। जहां पर ये 16 नवंबर तक गोचर करेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के तुला राशि में गोचर करने से किन राशि के जातकों को मिलेगा वरदान और किन्हें थोड़ा होगा नुकसान इसका ज्योतिष विश्लेषण....