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मकर राशि में 6 ग्रहों की महायुति, इस तरह बदलेगा भारत का राजनीतिक परिदृश्य

Mon, 08 Feb 2021 07:24 AM IST
रुस्तम राणा सुशील कुमार सिंह, ज्योतिषी, नई दिल्ली
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ग्रह परिवर्तन फरवरी 2021 - फोटो : अमर उजाला
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भारत की स्वतंत्रता की कुंडली में 10 फरवरी को 6 ग्रह सूर्य, चन्द्र, बुध, बृहस्पति शुक्र और शनि गोचर में होंगे। सूर्य चन्द्र बुध और शुक्र तो कुछ दिनों में मकर को छोड़ कर आगे बढ़ जाएंगे। पर गुरु-शनि मकर, कुंभ और वक्री होने की स्थिति में धनु में रहेंगे। जोकि कदापि शुभ नहीं हैं। साथ ही साथ राहु का रोहिणी मे गोचर भी शुभ नहीं है। 

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किसान आंदोलन का एक दृश्य - फोटो : अमर उजाला
चंद्रमा की दशा भारत में सारे जनआंदोलनों का कारण है। जनांदोलन तो चलते रहेंगे। एक बन्द होगा तो दूसरा प्रारंभ होगा और ये आंदोलन सरकार को तंग किए रहेंगे। परन्तु सरकार कुछ ऐसे निर्णय लेगी या कानून बनाएगी जिससे वैश्विक स्तर पर सरकार का जमकर विरोध होगा। ये कानून किसी ना किसी तरह धार्मिक सांप्रदायिक स्तर पर संबंधित समुदायों को प्रभावित करेंगे जिसका व्यापक स्तर पर विरोध होगा।

नवमेश तथा दशमेश शनि का दशम भाव पर गोचर करना देश के लिए कई मामलों पर अच्छा भी होगा। किसी भी प्रकार की प्रगति या समृद्धि भी संभव है। - फोटो : Pixabay
प्रधानमंत्री का आभामण्डल कुछ स्तर तक घटेगा और वे कोई बड़ा निर्णय लेंगे। नवमेश तथा दशमेश शनि का दशम भाव पर गोचर करना देश के लिए कई मामलों पर अच्छा भी होगा। किसी भी प्रकार की प्रगति या समृद्धि भी संभव है। केन्द्र के तीन सबसे बड़े नेताओं का समय ठीक नहीं है। यह बात अलग है कि सत्ताधारी दल की कुण्डली कुछ स्तरों पर ठीक है। 
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किसान आंदोलन - फोटो : पीटीआई
6 ग्रहों का यह गोचर कुछ मामलों मे बदलाव ला सकता है कि वर्तमान मे चल रहे आंदोलन अपनी दिशा बदलें और नये रूप मे पुनः आंदोलन होंगे। परन्तु 22 फ़रवरी को राहु जब भारत की कुण्डली में लग्न और लग्न में स्थित राहु के ऊपर से 3 महीने 10 दिनों के लिए अर्थात 02 जून तक गोचर करेगा तो यह देश की एकता-अखंडता तथा सांप्रदायिक सौहार्द के लिए कदापि अच्छा नहीं है।
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