हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। बसौड़ा शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। मां शीतला को आरोग्य प्रदान करने वाली देवी बताया गया है। साथ ही माता शीतला की पूजा करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है। अगर आप भी माता की कृपा के पात्र बनना चाहते हैं तो शीतला अष्टमी के दिन शीतलाष्टक स्तोत्र का पाठ जरूर करें। पौराणिक मान्यता है कि इसकी रचना भगवान शंकर ने जनकल्याण के लिए की थी। इसमें शीतला देवी की महिमा का गुणगान किया गया है। कहा जाता है कि यदि व्यक्ति रोजाना इस स्तोत्र का पाठ करे, तो उस पर हमेशा माता शीतला की कृपा बनी रहती है। अगर आप रोजाना नहीं कर सकते तो शीतला अष्टमी के दिन जरूर करें। इससे आपके सारे कष्ट दूर होने लगेंगे।
शीतलाष्टक स्तोत्र
ॐ श्रीगणेशाय नमः, ॐ श्री शीतलायै नम: