शारदीय नवरात्रि पर्व 17 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। हिन्दू धर्म का यह एक प्रमुख त्योहार है। यह पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है और नवमी तिथि तक चलता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा होती है। माता रानी का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें कई चीजें चढ़ाई जाती हैं। वहीं ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, नवरात्रि के समय राशि के अनुसार माता रानी को पुष्प चढ़ाने से उनकी विशेष कृपा बरसती है।
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मेष राशि- गुड़हल, गुलाब, लाल कनेर, लाल कमल अथवा किसी भी तरह के लाल पुष्प हों उससे पूजा करके मां भगवती को प्रसन्न कर मंगल जनित दोषों के कुप्रभाव से बचा जा सकता है।
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वृषभ राशि- श्वेत कमल, गुडहल, श्वेत कनेर, सदाबहार, बेला, हरसिंगार आदि जितने भी श्वेत प्रजाति के पुष्प हैं उनसे मां की आराधना कर प्रसन्न किया जा सकता है ऐसा करने से शुक्र की शुभता में वृद्धि होगी।
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मिथुन राशि- मां की पूजा पीला कनेर, गुडहल, द्रोणपुष्पी, गेंदा और केवड़ा पुष्प से मां की आराधना करके अभीष्ट कार्य सिद्ध भी कर सकते हैं और बुध की कृपा भी प्राप्त होगी।
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कर्क राशि- श्वेत कमल, श्वेत कनेर, गेंदा, गुडहल, सदाबहार, चमेली रातरानी और अन्य जितने भी प्रकार के श्वेत और गुलाबी पुष्प हैं उन्हीं से माँ की आराधना करके प्रसन्न करके चन्द्र जनित दोषों से मुक्त हुआ जा सकता है।
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सिंह राशि- कमल, गुलाब, कनेर, गुड़हल से मां की पूजा करके कृपा पा सकते हैं, गुड़हल का पुष्प सूर्य और मां दुर्गा को अति प्रिय है।
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कन्या राशि- गुड़हल, गुलाब, गेंदा, हरसिंगार एवं किसी भी तरह के अति सुगंधित पुष्पों से मां दुर्गा की आराधना करके अपने मनोरथ पूर्ण करके बुध के साथ-साथ अन्य ग्रहों की अनुकूलता भी पा सकते हैं।
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तुला राशि- श्वेत कमल श्वेत, कनेर, गेंदा, गुड़हल, जूही, हरसिंगार, सदाबहार, केवड़ा,बेला चमेली आधी पुष्पों से मां भगवती की आराधना करके उनकी अनुकूलता और शुक्र की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
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वृश्चिक राशि- किसी भी प्रजाति के लाल पुष्प, पीले पुष्प, एवं गुलाबी पुष्प से पूजा करके मां दुर्गा की कृपा प्राप्त की जा सकती है लाल कमल से पूजा कर पाएं तो घर परिवार में समृद्धि तो बढ़ेगी ही मंगल की कृपा भी प्राप्त होगी।
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धनु राशि- कमल पुष्प, कनेर, गुड़हल, गुलाब, गेंदा, केवडा, और कनेर की सभी प्रजातियां के पुष्पों से पूजा-अर्चना करके मां का आशीर्वाद एवं बृहस्पति देव को प्रबल किया जा सकता है।
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मकर राशि- नीले पुष्प, कमल, गेंदा, गुलाब, गुड़हल आदि से मां शक्ति की पूजा-आराधना करके उनकी कृपा दृष्टि पाई जा सकती है और शनि जनित दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।
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कुंभ राशि- नीले पुष्प, गेंदा, सभी प्रकार के कमल, गुड़हल, बेला, चमेली, रात की रानी, आदि से मां भगवती की आराधना करके उनकी कृपा और शनिग्रह के दोष से मुक्त होते हुए मनोरथ भी पूर्ण किये जा सकते हैं।