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शनि के बाद 2 ग्रह और भी होंगे वक्री, जानिए इसका क्या होगा असर

Tue, 12 May 2020 04:04 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
न्यायाधीश और व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार फल देने वाले शनि 11 मई से वक्री हो गए हैं। जहां पर वे स्वराशि मकर में रहते हुए 142 दिनों तक वक्री यानी उल्टी चाल में रहेंगे। शनि की बदलती हुई चाल से सभी जातकों पर इसका व्यापक असर पड़ता है। शनि के वक्री होने के बाद दो अन्य ग्रह भी वक्री हो जाएंगे।
 
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venus transit
इसके बाद 13 मई को सुख और संपन्नता देने वाले ग्रह शुक्र भी अपनी स्वयं की राशि वृषभ में भी वक्री हो जाएंगे। शुक्र 25 जून तक इसी अवस्था में रहेंगे। इसे पहले 9 मई को शुक्र और बुध ग्रह की युति ने लक्ष्मी- विष्णु नामक योग का निर्माण किया था। यह योग दो ऐसे शुभ ग्रहों के साथ निर्मित होता है जो परम मित्र भी हों।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
तीसरा ग्रह है गुरु जो हमेशा शुभ फल देता है। 14 मई को शाम के लगभग 8 बजे वक्री चाल में मकर में प्रवेश करेंगे। एक साथ कई ग्रहों का व्रकी होना एक दुर्लभ संयोग है।

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planet
क्या होती है ग्रहों की वक्री चाल
वक्री ग्रह से आशय जब कोई भी ग्रह अपनी सामान्य दिशा की बजाए उल्टी दिशा यानि विपरीत दिशा में चले तो इस अवस्था को ग्रह का वक्री होना कहा जाता है। हालांकि सूर्य और चंद्रमा कभी भी वक्री नहीं होते हैं। वहीं राहु-केतु सदैव वक्री चाल चलते हैं।
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
वक्री चाल से जातकों पर असर
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन, ग्रहों का वक्री और मार्गी होना एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। ग्रहों की चाल में बदलाव से सभी 12 राशियों पर असर पड़ता है। अलग-अलग राशि में ग्रह जिस भाव में अपना स्थान बदलते हैं या ग्रह मार्गी और वक्री होते हैं उस भाव के अनुसार जातकों का भविष्य ग्रह तय करते हैं।
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