22 मई, शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है। यह तिथि न्यायप्रिय देवता महाराज शनि के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। शनिदेव को क्रूर ग्रह माना जाता है। लेकिन शनि न्यायप्रिय देवता है। बुरा करने वालों को शनि तमाम तरह के कष्ट देते हैं। माना जाता है कि शनि की तिरछी नजर जिस किसी पर पड़ जाती है उसकी मुसीबतों का जल्दी से अंत नहीं हो पाता है। वहीं जो व्यक्ति अच्छा काम करता है शनिदेव उस पर अच्छी कृपा दृष्टि रखते हैं।
जिस व्यक्ति पर शनि की अशुभ दृष्टि होती है उसके सारे काम बिगड़ जाते हैं। बार-बार कोशिशे करने पर भी उसको सफलता नहीं मिलती। ज्योतिष में शनि की टेढ़ी नजर होने के कई कारण बताए गए हैं।
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