शनिदेव को न्यायाधीश का दर्जा मिला हुआ है। शनि देव लोगों को उनके कर्मो के हिसाब से फल देते हैं। शनि जब भी किसी की कुंडली में आकर बैठते है तो व्यक्ति को तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन शनिदेव हमेशा कष्ट नहीं देते हैं कुछ ऐसे मौके भी आते हैं जब शनि देव लोगों के जीवन में खुशियां भी लाते हैं। शास्त्रों के अनुसार किसी की कुंडली में शनि देव अच्छा फल तब देते हैं यह उनके वाहन पर निर्भर होता है। शनि देव 9 वाहनों पर सवार होकर आते हैं।
ज्योतिष के अनुसार शनि जब भी किसी राशि में प्रवेश करते हैं तो 9 वाहनों में से किसी एक पर सवार होकर आते हैं। फिर जातक को उसी के अनुसार फल मिलता है। शनि जब किसी की कुंडली में हाथी पर सवार होकर आते हैं तो यह अशुभ माना जाता है। ऐसा होने से व्यक्ति को सफलता मिलने में कठिनाइओं का सामना करना पड़ता है।
जब शनि किसी की कुंडली में हंस पर सवार होकर आते हैं व्यक्ति के लिए यह शुभ होता है। ऐसा होने से व्यक्ति के जीवन में बहुत सारी खुशियां मिलती हैं। शनि देव की कृपा से ऐसे व्यक्तियों पर खूब सारा धन और मान-सम्मान मिलता है।
ज्योतिष के मुताबिक शनि की एक सवारी गधा भी है। पंडितों के अनुसार जब कभी भी शनिदेव किसी की कुंडली में गधे की सवारी करते हुए एक राशि से दूसरी राशि में आते हैं व्यक्ति के जीवन में परेशानियां लाते हैं।
शनि देव कौवे की भी सवारी करते हैं। ज्योतिष में माना जाता है कि अगर शनि किसी की कुंडली में कौवे की सवारी करते हुए आते हैं तो उसे बहुत ही अशुभ माना गया है। इससे व्यक्ति बीमार और परेशान होने लगता है। इसके अलावा घर के सदस्यों के बीच में झगड़े भी बढ़ने लगते हैं।
ऐसा माना जाता है कि जब शनि देव किसी की कुंडली में घोड़े पर सवार होकर आते हैं तो उस व्यक्ति के जीवन में बहुत ही खुशियां लाते हैं। ऐसा होने से व्यक्ति को आर्थिक फायदा बहुत होता है।