जो महिलाएं गौर वर्ण लिए हुए चंद्रमा के समाग गोल मुख की होती हैं और जिनकी आंखें बड़ी साथ ही होठो में हल्की ललिमा रहती है, ऐसी महिलाएं बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती हैं। इन महिलाओं को अपने जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।
सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि जिस महिला की दोनों आंखों का सफेद भाग एक दम गाय के दूध के समान उजला, पुतली एक दम काली और भौंहे गहरी काली और घनी होती हैं एवं उसकी आंखो के ऊपर नीचे का भाग हल्का लाल रहता है। ऐसी महिलाएं बहुत गुणवान होती हैं।
जो महिला गौरवर्ण (गोरी) या सांवली रंग की हो उसका चेहरा और माथा चिकना हो तो ऐसी महिलाओं को बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। इन्हें शादी के बाद एक धन-धान्य से परिपूर्ण परिवार मिलता है। ऐसी महिलाएं अपने कुल का नाम रोशन करने वाली होती हैं।
जिस महिला के शरीर का आकार हिरनी के समान सुंदर होता है, जिसके अंग कोमलता लिए हुए रहते हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि बहुत निर्धन घर में जन्म लेने के बाद भी ये संपन्न परिवार में जाती हैं या कह सकते हैं कि इन्हें राजा के समान जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
जिन महिलाओं के हाथों में मछली या स्वास्तिक का चिह्न बना होता है। वे बहुत ही सौभाग्यशाली होती हैं। ऐसी महिलाओं को अपने जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती है। ये जिस घर में जाती हैं यानि जहां इनकी शादी होती हैं, वहां भी किसी प्रकार का कोई अभान नहीं रहता है। इन महिलाओं को लक्ष्मी के समान धन देने वाली माना जाता है।