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राहु का राशि परिवर्तन, राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आजमाएं यह उपाय

Mon, 07 Sep 2020 05:48 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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rahu ketu
जिस तरह से लोगों की जुबान पर शनि का नाम आते वे डर जाते हैं उसी प्रकार से राहु का नाम लेने से लोग डरते हैं। शनि जहां करीब ढाई साल में अपनी राशि बदला है उसी तरह राहु भी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए 18 महीनों का समय लगाता है। राहु को एक अशुभ ग्रह माना गया है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में राहु गलत भाव में बैठ जाता है उसकी परेशानियां बढ़ जाती है। इस बार 23 सितंबर को राहु राशि परिवर्तन करने वाला है। ऐसे में कुछ राशियों के लिए राहु का दूसरी राशि में वक्री होने से प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ज्योतिषशास्त्र में राहु के बुरे प्रभाव क कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं।
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rahu ketu
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता। राहु पर किसी भी राशि का स्वामित्व नहीं है। राहु को सिर्फ एक छाया ग्रह माना जाता है। ऐसे में कुंडली से इस ग्रह को शान्त करने के लिए 108 बार बीजमंत्र का जाप करना चाहिए। कुंडली से राहु का दोष कम करने के लि घर में राहु यंत्र रखना चाहिए।
 
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राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020
राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए नीले कपड़े में तिल बांधकर हनुमान जी को चढ़ाएं। इसके अलावा बूंदी के लड्डू पर 4 लौंग लगाकर हनुमानजी को भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन में राहुदोष कम होता है।

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ज्योतिष में राहु
घर के मुख्य कमरे में चांदी से बना हुआ हाथी रखें। ऐसा करने से आपके ऊपर से राहु-केतु पर प्रभाव कम होने लगता है।

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rahu
 राहु-केतु के प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए हर रोज काले रंग के कुत्ते को रोटी खिलाएं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से राहु-केतु का नकारात्मक असर कम होता है।

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