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Year Ender 2025: साल 2025 में कब पड़े सूर्य-चंद्र ग्रहण? किन-किन त्योहारों पर पड़ा प्रभाव, जानें पूरा विवरण

Sun, 07 Dec 2025 01:26 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Year-End Review 2025: देखें 2025 के सभी ग्रहण, भारत में दिखने वाले चंद्र ग्रहण का प्रभाव, और 2026 के आगामी सूर्य-चंद्र ग्रहणों की अपडेटेड जानकारी।
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Year Ender 2025 - फोटो : amar ujala
2025 Eclipse Highlights: साल 2025 खगोलीय दृष्टि से बेहद खास और रोमांचक साबित हुआ। पूरे वर्ष के दौरान चार बड़े ग्रहण हुए, जिनमें दृश्य और अदृश्य दोनों प्रकार की घटनाएँ शामिल थीं। इन ग्रहणों ने न केवल खगोल विज्ञान के अध्ययन को रोचक बनाया, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के बीच एक अद्भुत संतुलन भी प्रस्तुत किया। ग्रहणों के समय आसमान में हुई यह खगोलीय हलचल लोगों की जिज्ञासा और चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही, और साल को खगोलीय दृष्टि से यादगार बना दिया।
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इन चार ग्रहणों में से केवल एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई दिया, जिसके कारण सूतक काल और धार्मिक नियमों से जुड़े विषयों पर लोगों में काफी उत्साह और जिज्ञासा रही। अन्य ग्रहण या तो भारत से अदृश्य रहे या उनके प्रभाव का अनुभव केवल ज्योतिषीय दृष्टि से ही हुआ। साल के अंत में यह समझना दिलचस्प है कि इन ग्रहणों ने त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर किस तरह प्रभाव डाला, साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि वर्ष 2026 में कौन-कौन से ग्रहण लगने वाले हैं और उनका प्रभाव किस तरह रहेगा। यह जानकारी न केवल खगोलीय घटनाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की योजना बनाने में भी सहायक साबित होगी।
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Surya Grahan 2025 - फोटो : adobe
2025 में कितने ग्रहण लगे?
साल 2025 खगोलीय घटनाओं के हिसाब से काफी खास रहा। पूरे वर्ष में कुल चार महत्वपूर्ण ग्रहण लगे। दो पूर्ण चंद्र ग्रहण और दो आंशिक सूर्य ग्रहण। वर्ष की शुरुआत से लेकर अंतिम महीनों तक आसमान में होने वाली इन गतियों ने वैज्ञानिकों और खगोलप्रेमियों दोनों का ध्यान खींचा। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से दो ग्रहण मार्च में और दो सितंबर में पड़े, जिससे ये दोनों महीने खगोलीय दृष्टि से बेहद सक्रिय रहे। इन ग्रहणों ने न सिर्फ साल की खगोलीय हलचल को रोचक बनाया, बल्कि अनेक धार्मिक मान्यताओं, चर्चाओं और ज्योतिषीय विचारों को भी प्रमुखता दी। कुल मिलाकर, 2025 ग्रहणों के लिहाज़ से एक यादगार वर्ष साबित हुआ।
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साल 2025 में कब-कब दिखा सूर्य ग्रहण - फोटो : Freepik
29 मार्च, 2025 का सूर्य ग्रहण
मार्च महीने का दूसरा ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में 29 मार्च, 2025 को आया। यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं दिया। इसलिए पूजा-पाठ या किसी सामाजिक आयोजन पर कोई रोक नहीं लगी। यह ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से ध्यान देने योग्य माना गया, लेकिन दैनिक जीवन और त्योहारों पर इसका कोई असर नहीं रहा।

21 सितंबर, 2025 का सूर्य ग्रहण
सितंबर का आंशिक सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगा। यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे दक्षिणी देशों में दिखाई दिया, लेकिन भारत में अदृश्य रहा। भारत में यह रात से सुबह के समय में घटित हुआ, इसलिए सूतक काल का पालन नहीं किया गया और किसी पूजा-पाठ या सामाजिक आयोजन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

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Chandra Grahan 2025 - फोटो : अमर उजाला
14 मार्च, 2025 का चंद्र ग्रहण
14 मार्च, 2025 को जो चंद्र ग्रहण लगा वह पूर्ण ग्रहण था, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं दिया। इसी समय होली का त्योहार भी मनाया गया, जिससे लोगों में थोड़ी जिज्ञासा रही कि क्या ग्रहण का त्योहार पर कोई असर होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं था, इसलिए सूतक काल लागू नहीं हुआ और लोग अपनी परंपराओं के अनुसार होली मनाते रहे। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे बदलाव और नई शुरुआत का प्रतीक माना गया, लेकिन धार्मिक रूप से इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।

7 सितंबर, 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण
इस वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण ग्रहण 7 सितंबर को लगा, क्योंकि यह भारत में पूरी तरह दिखाई दिया। यह समय पितृपक्ष के आरंभ के पास आया, इसलिए सूतक काल और धार्मिक नियमों का पालन किया गया। लोग खुले आसमान के नीचे इस सुंदर खगोलीय घटना को देखने के लिए उत्साहित रहे और इसे धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व दिया गया।
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त्योहारों पर ग्रहण का असर - फोटो : PTI
त्योहारों पर ग्रहण का असर
14 मार्च, 2025 को होली के दिन लगे चंद्र ग्रहण का भारत में धार्मिक दृष्टि से कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि यह यहाँ दिखाई नहीं दिया। बावजूद इसके, लोगों में उत्सुकता रही कि क्या ग्रहण का त्योहार पर कोई प्रभाव होगा। चूंकि सूतक काल मान्य नहीं हुआ, होली अपने पारंपरिक अंदाज़ में धूम-धाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इसके विपरीत, 7 सितंबर, 2025 को लगे पूर्ण चंद्र ग्रहण को भारत में देखा जा सका, इसलिए इस दौरान व्रत, पूजा और सूतक से जुड़े सभी धार्मिक नियमों का पालन किया गया।
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Grahan 2026 - फोटो : अमर उजाला
2026 में कब कब लगेंगे ग्रहण 
वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, साल 2026 में भी कुल चार ग्रहण होंगे। दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। इनमें से कुछ भारत में दिखाई देंगे और कुछ नहीं। साल की शुरुआत से ही इन खगोलीय घटनाओं की चर्चा रहेगी। 17 फरवरी, 2026 को पहला सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि 3 मार्च को पहला चंद्र ग्रहण आएगा। इसके बाद 12 अगस्त को दूसरा सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को दूसरा चंद्र ग्रहण होगा। इन ग्रहणों का प्रभाव धार्मिक, ज्योतिषीय और खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाएगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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