ओडिशा की मालिका परंपरा के अनुसार, कलयुग के अंत में जब 'मीन राशि में शनि' का योग बनेगा, तब आकाश में माता की गर्जना सुनाई देगी।
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भैरवी डाक का अर्थ
'भैरवी' का शाब्दिक अर्थ है- वह शक्ति जो भरण, रमण और वमन (सृष्टि, पालन और संहार) का सामर्थ्य रखती हो। 'डाक' का अर्थ है- पुकार या भीषण गर्जना। 'भैरवी डाक' का अर्थ हुआ माता भैरवी की वह गर्जना, जो सामान्य बादलों की गड़गड़ाहट जैसी नहीं, बल्कि इतनी भयानक होगी कि उसे सुनकर हृदय कांप जाए।
कब सुनाई देगी भैरवी डाक ?
ओडिशा की मालिका परंपरा के अनुसार, कलयुग के अंत में जब 'मीन राशि में शनि' का योग बनेगा, तब आकाश में माता की गर्जना सुनाई देगी। मान्यताओं के अनुसार, पहली डाक चैत्र मास के किसी मंगलवार को 'निशीथ काल' (अर्धरात्रि) में सुनाई देगी।