सुख, वैभव और विलासिता जीवन देने वाले शुक्र ग्रह अपनी राशि बदलकर अब वृषभ राशि में आ गए हैं। वृषभ राशि स्वयं शुक्र की राशि भी है। स्वयं की राशि में शुक्र 28 मई तक रहेंगे। इसके बाद मिथुन राशि में गोचर करेंगे। वृषभ राशि में तीन ग्रहों का योग भी बन रहा है। अब शुक्र,बुध और राहु इस राशि में गोचर कर रहे हैं।
ज्योतिषशास्त्र में शुक्र ग्रह
ज्योतिषशास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख और वैभव प्रदान करने वाला माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में रहते हैं उनका जीवन ऐशोआराम में बीतता है। ज्योतिष में शुक्र एक शुभ ग्रह हैं। शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, संपन्नता, कला शोहरत, भोग विलासिता, सौन्दर्य, काम वासना और ऐश्वर्य आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी है। कन्या राशि शुक्र ग्रह की नीच राशि और मीन उच्च राशि है। शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा जैसे नक्षत्रों के स्वामी ग्रह हैं। बुध और शनि शुक्र ग्रह के मित्र जबकि सूर्य और चंद्रमा शत्रु ग्रह माने जाते हैं।