वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राशि परिवर्तन से अन्य दूसरे ग्रहों के साथ युति बनती है। ऐसे में ग्रहों के संयोजन से कई तरह के शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के योग बनते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर जातकों की कुंडली में शुभ योग बनता है जीवन में सफलता और अच्छे परिणाम की प्राप्ति होती है, वहीं अशुभ योगों के निर्माण होने पर असफलताएं और परेशानियां आती हैं। आपको बता दें कि अगस्त माह में ग्रहों की युति से एक बहुत ही अशुभ योग दरिद्र योग बनने जा रहा है। दरअसल अगस्त माह में सूर्य और शुक्र समेत कई ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। शुक्र 25 अगस्त को कन्या रशि में गोचर करेंगे, कन्या राशि में शुक्र नीच के माने जाते हैं। इस तरह से कन्या राशि में दरिद्र योग का निर्माण होगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई शुभ ग्रह के संपर्क में अशुभ ग्रह आता है तो कुंडली में दरिद्र योग बनता है। इसके अलावा गुरु जब कुंडली के छठे से बारहवें भाव में मौजूद होते हैं तो दरिद्र योग बनता है। अगस्त में दरिद्र योग बनने से कुछ राशि के जातकों के लिए परेशानियां आ सकती हैं।