शुक्र का यह गोचर 26 जुलाई 2025 को सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर होगा। गुरु और शुक्र दोनों ही शुभ ग्रह हैं लेकिन इनकी आपस में मित्रता नहीं रहती। गुरु और शुक्र की युति मिथुन राशि में 21 अगस्त तक रहेगी।
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शुक्र ग्रह का मिथुन राशि में गोचर
- फोटो : Adobe Stock
26 जुलाई को भोग-विलास, संपन्नता, भौतिक सुख, रोमांस, कला और सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ की यात्रा को समाप्त करते हुए बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में गोचर करेंगे। शुक्रदेव एक राशि में करीब 23 दिनों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। शुक्र वृषभ और तुला राशि स्वामी होते हैं और यह मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के होते हैं। शुक्र के मिथुन राशि परिवर्तन में गुरु के युति भी बनेंगी। दरअसल गुरु इस समय मिथुन राशि में हैं। आपको बता दें शुक्र का यह गोचर 26 जुलाई 2025 को सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर होगा। गुरु और शुक्र दोनों ही शुभ ग्रह हैं लेकिन इनकी आपस में मित्रता नहीं रहती। गुरु और शुक्र की युति मिथुन राशि में 21 अगस्त तक रहेगी। शुक्र के मिथुन राशि में गोचर करने से शुभ और अशुभ दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। शुक्र के गोचर करने से कुछ राशि वालों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए शुक्र धन और भाग्य भाव के स्वामी होते हैं और अब जब 26 जुलाई को यह मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे तो यह आपके दशम भाव में विराजमान होंगे। कुंडली का दशम भाव बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस भाव में शुक्र के गोचर का अच्छा प्रभाव देखने को नहीं मिल सकता है। आपको कार्य में पूरा करने में तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति में कमजोरी के संकेत है। कड़ी मेहनत करने के बाद ही आपको कार्यो में सफलता मिलेगी। करियर-कारोबार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
धनु राशि
धनु राशि के लोगों के लिए शुक्र छठे और एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब यह आपके सातवें भाव में रहेंगे जिससे अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। नकारात्मक प्रभावों में वृद्धि हो सकती है। वाद-विवाद की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। जीवन साथी के साथ किसी मुद्दे पर लड़ाई-झगड़े बढ़ सकते हैं। जीवन में कुछ उलझनें आ सकती हैं। जो लोग किसी के साथ साझेदारी में हैं उनको अपने पार्टनर से बचकर रहना हो सकता है क्योंकि वह धोखा दे सकता है।
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मकर राशि
- फोटो : amar ujala
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए शुक्रदेव पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। 26 जुलाई को शुक्र का गोचर मिथुन राशि में होने यह आपके छठे भाव में प्रवेश करेंगे। यहां पर शुक्र का गोचर अच्छा नहीं माना जातान है। आपको इस दौरान कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान व्यापारियों को बहुत ही संभलकर रहना होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पंचम और द्वादश भाव से स्वामी होते हैं और यह आपके पहले भाव में गोचर करेंगे. जिससे आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धन खर्च हो सकते हैं। जिन लोगों का कोई वाद-विवाद चल रहा है उनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नौकरीपेशा जातकों को कुछ नौकरी में दिक्ततें आ सकती हैं।