फलित ज्योतिष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तथा सृष्टि के महान ग्रह शुक्र 8 फरवरी को शाम 6 बजकर 9 मिनट पर पूर्वदिशा में अस्त हो रहे हैं। ये 2 माह 10 दिन तक अस्त रहने के पश्चात 18 अप्रैल की रात्रि 11 बजकर 08 पर पश्चिम में उदय होंगे। वर्तमान समय में गोचर करते हुए शुक्र जिन राशियों के लिए शुभफल कारक होंगे उनके लिए तो इनका अस्त होना अच्छा समाचार नहीं है किंतु, जिन राशियों के लिए अशुभ फल कारक के रूप में गोचर कर रहे होंगे उन्हें इनके अशुभ प्रभाव से कुछ राहत मिलेगी। इनके अशुभ होने से जीवन को सुचारू रूप से चलाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि इन्हीं के कृपा प्रसाद से शादी-विवाह जैसे मांगलिक संकल्प पूर्ण होते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता रहती है और संतान संबंधी चिंता भी समीप नहीं आती। वृषभ एवं तुला राशि का स्वामी होने के फलस्वरूप इसराशि के जातकों के लिए तो ये शुभ समाचार नहीं है। इनके अस्त होने का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।