वक्री अरुण: ज्योतिष शास्त्र में यूरेनस यानी अरुण ग्रह को अचानक होने वाले बदलावों, नई परिस्थितियों और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। आधुनिक और पश्चिमी ज्योतिष में इस ग्रह को विशेष महत्व प्राप्त है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को यूरेनस वृषभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। शुक्र की राशि वृषभ में यूरेनस की उल्टी चाल कई लोगों के जीवन में ऐसे सकारात्मक बदलाव ला सकती है, जिनकी उन्होंने शायद कल्पना भी न की हो। यूरेनस 8 फरवरी 2027 तक वक्री अवस्था में रहेंगे, इसके बाद वे फिर से मार्गी हो जाएंगे। यूरेनस 19 मार्च 2025 से वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं और 6 जुलाई 2031 तक इसी राशि में रहने वाले हैं। ऐसे में इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां, जिनके लिए यूरेनस का वक्री काल लाभदायक साबित हो सकता है।