साल 2025 में कब-कब दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
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सूर्य ग्रहण कब लगता है?
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होते हैं, और चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, जिससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में सूर्य का आंशिक या पूर्ण रूप से ग्रहण लग जाता है। यदि चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है, और अगर वह केवल सूर्य के कुछ हिस्से को ढकता है, तो इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है, और इस कारण सूर्य पूरी तरह से ढका नहीं जाता। इस स्थिति में हमें आसमान में एक "आग की अंगूठी" जैसी छवि दिखाई देती है। वहीं, हाइब्रिड सूर्य ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से ढकता है, लेकिन एक छोटा हिस्सा खुला रहता है।