वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव का विशेष महत्व होता है। सूर्यदेव को ज्योतिष में मान-सम्मान, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह माना जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर माह अपनी राशि परिवर्तन करते हैं जिसे सूर्य संक्रांति कहा जाता है। सूर्यदेव 17 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश किया है जहां पर ये 17 अगस्त तक विराजमान रहेंगे। सूर्यदेव जिस राशि में प्रवेश किया है उस पर चंद्रदेव का आधिपत्य है। इसके अलावा सूर्य और चंद्रमा की आपस में मित्रता का भाव रखते हैं। सूर्य के कर्क राशि में गोचर से सभी राशियों के जातकों के ऊपर इसका प्रभाव जरूर पड़ेगा। वहीं इस गोचर से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये राशियां।