सूर्य शुक्र शनि युति
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एकादशांश योग कैसे बनता है?
एकादशांश योग बनने की प्रक्रिया गणितीय ज्योतिष पर आधारित है। पूरे राशिचक्र में 360 डिग्री होते हैं, और जब इन्हें 11 बराबर हिस्सों में बांटा जाता है, तो हर हिस्सा लगभग 32.73 डिग्री का बनता है। इस 32.73 डिग्री के कोणीय अंतर को ही एकादशांश या अनडेसाइल योग कहा जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, जब दो ग्रह इस 32.73 डिग्री के फासले पर होते हैं, तो उनके बीच बनने वाला कोणीय योग और परस्पर दृष्टि एकादशांश योग यानी अनडेसाइल एस्पेक्ट कहलाता है। अनडेसाइल शब्द लैटिन भाषा के अनडेसीम से आया है, जिसका अर्थ है 'ग्यारह', और यह इस योग के महत्व को स्पष्ट करता है।