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Shukra Gochar 2025: 31 मई को शुक्र का गोचर, इन राशियों के प्रेम और वैवाहिक जीवन में बढ़ेंगी परेशानियां

Fri, 30 May 2025 07:22 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shukra Ka Mesh Rashi Me Gocahr: 31 मई को शुक्र ग्रह मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे प्रेम और रिश्तों से जुड़ी परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ राशियों के लिए यह गोचर चुनौतियों भरा साबित हो सकता है।
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shukra gochar - फोटो : Freepik
Shukra Gochar: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है। यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में रिश्तों की मधुरता, रोमांस, सौंदर्य बोध और भावनात्मक जुड़ाव को नियंत्रित करता है। 28 जनवरी 2025 से शुक्र मीन राशि में स्थित थे, जहां वे उच्च के माने जाते हैं और इनका प्रभाव अपेक्षाकृत सुखद और संतुलित रहता है। मीन राशि में शुक्र का गोचर आमतौर पर प्रेम संबंधों में मधुरता, सहानुभूति और समझदारी लेकर आता है।
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लेकिन अब 31 मई 2025 को सुबह 11:42 बजे शुक्र मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि अग्नि तत्व की और मंगल ग्रह की स्वामित्व वाली राशि है, जो क्रियाशीलता, ऊर्जा और कभी-कभी आक्रामकता का प्रतीक होती है। ऐसे में जब शुक्र इस राशि में प्रवेश करता है, तो यह भावनाओं की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखा जाएगा, जहां प्रेम और वैवाहिक संबंधों में भ्रम, असंतुलन, और संवादहीनता जैसी स्थितियां बन सकती हैं। कई जातकों को इस दौरान रिश्तों में अनचाहे उतार-चढ़ाव और भावनात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उचित उपायों और सावधानी से इस समय को संतुलित किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशियों को इस गोचर से विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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shukra gochar - फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
शुक्र ग्रह जब 31 मई को मीन से निकलकर मेष में प्रवेश करेंगे, तो वृषभ राशि के लिए यह गोचर द्वादश भाव यानी खर्च और हानि के घर में होगा। ज्योतिष शास्त्र में द्वादश भाव को नुकसान, व्यय और मानसिक असंतुलन से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान वृषभ जातकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अनावश्यक खर्च, दिखावे की प्रवृत्ति और सामाजिक रूप से खुद को ऊंचा दिखाने की कोशिश आपको परेशानी में डाल सकती है। रिश्तों की बात करें तो जीवनसाथी से मतभेद या बहस संभव है। कुछ दंपतियों के बीच अलगाव की स्थिति भी बन सकती है। वहीं प्रेम संबंधों में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप से विवाद पैदा हो सकता है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए आपको अपनी मौसी, बहन या बुआ को कुछ उपहार देना लाभकारी रहेगा।
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shukra gochar - फोटो : amar ujala
कन्या राशि
शुक्र ग्रह का गोचर कन्या राशि के लिए अष्टम भाव में होगा, जिसे अप्रत्याशित घटनाओं और मानसिक उथल-पुथल का भाव माना जाता है। इस समय जीवन में अचानक बदलाव आ सकते हैं, विशेष रूप से विवाह और प्रेम संबंधों में। विवाह की बातचीत अगर चल रही है तो उसमें रुकावट या देरी हो सकती है। प्रेमी जोड़ों के बीच बात-बात पर बहस और विवाद हो सकता है, जिससे संबंधों में कड़वाहट बढ़ सकती है। हाल ही में शादीशुदा लोगों को अपने जीवनसाथी के साथ अनबन या दूरी महसूस हो सकती है। इस समय परिवार के बुजुर्गों, विशेषकर माता-पिता से रिश्तों को मजबूत करने की जरूरत होगी। इस गोचर के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए सफेद वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाएगा।
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shukra gochar - फोटो : amar ujala
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए शुक्र का गोचर छठे भाव में हो रहा है, जो रोग, शत्रु और प्रतिस्पर्धा का प्रतिनिधित्व करता है। इस अवधि में जातकों को स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है, खासतौर पर पाचन और आहार संबंधी दिक्कतें। तले-भुने और बाहर के खाने से परहेज जरूरी होगा। प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी यह समय चुनौतियों भरा हो सकता है। आप जो बातें अपने दिल में छुपाकर रखेंगे, वे आपके पार्टनर को खटक सकती हैं, जिससे अविश्वास और दूरी का माहौल बन सकता है। इसलिए पारदर्शिता और भावनात्मक जुड़ाव जरूरी होगा। इस समय केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आत्मिक स्तर पर रिश्ते मजबूत करने की जरूरत है। उपाय के रूप में शुक्र बीज मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का जाप प्रतिदिन करना लाभकारी रहेगा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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