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Shardiya Navratri 2025: आपकी कुंडली के किस ग्रह पर है किस देवी का नियंत्रण? जानें नौ दिनों का ज्योतिषीय महत्व

Mon, 22 Sep 2025 06:37 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का गहरा ज्योतिषीय महत्व है। प्रत्येक देवी एक विशेष ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इन नौ दिनों में सही विधि से पूजा करके आप अपनी कुंडली के अशुभ ग्रहों को शांत कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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नवरात्रि और नवग्रह - फोटो : Adobe Stock
Navratri Puja for Planets: शक्ति की आराधना का महापर्व नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह त्योहार केवल भक्ति और उपासना का ही समय नहीं है, बल्कि यह ज्योतिष की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति का जीवन नवग्रहों की चाल से प्रभावित होता है। इन ग्रहों की अशुभ स्थिति जीवन में कई परेशानियां ला सकती है। नवरात्रि के नौ दिन इन नौ ग्रहों को शांत करने का सबसे उत्तम अवसर माना जाता है।

मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों का सीधा संबंध नवग्रहों से है। प्रत्येक देवी एक विशेष ग्रह को नियंत्रित करती हैं और उनकी पूजा से उस ग्रह से जुड़े दोष शांत होते हैं। इसलिए इन नौ दिनों में विधि-विधान से की गई पूजा न सिर्फ आध्यात्मिक उन्नति देती है, बल्कि कुंडली में ग्रहों की स्थिति को भी मजबूत करती है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि नवरात्रि के नौ अलग-अलग दिनों के देवी को पूजने से कौन-से ग्रह कटते हैं?
 
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नवरात्रि - फोटो : Adobe Stock
चंद्रमा ग्रह के लिए पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जिनका संबंध चंद्रमा से है। उनकी पूजा करने से कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है और मानसिक शांति मिलती है। 

मंगल ग्रह का उपाय
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है, जो मंगल ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी उपासना से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और क्रोध पर नियंत्रण रहता है।

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नवरात्रि तीसरा दिन मां चंद्रघंटा - फोटो : Amar Ujala
शुक्र ग्रह की शांति 
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनकी पूजा से शुक्र मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

सूर्य ग्रह की शांति
चौथे दिन मां कुष्मांडा की आराधना की जाती है, जो ग्रहों के राजा सूर्य को दिशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं। उनकी पूजा से सूर्य से जुड़े दोष दूर होते हैं और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

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देवी स्कंदमाता के मंत्र - फोटो : adobe stock
बुध ग्रह के लिए पूजा
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जिनका संबंध बुध ग्रह से है। उनकी कृपा से बुध ग्रह से जुड़ी समस्याएं, जैसे वाणी दोष, दूर होती हैं। 

बृहस्पति ग्रह के लिए उपाय
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी पूजा से विवाह में आ रही बाधाएं और बृहस्पति के दोष दूर होते हैं। 

शनि ग्रह के लिए पूजा
सातवें दिन मां कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं। उनकी पूजा से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से राहत मिलती है।
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मां महागौरी - फोटो : Amar Ujala
राहु ग्रह की शांती
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है, जो राहु ग्रह के दुष्प्रभावों को शांत करती हैं। उनकी उपासना से जीवन में अचानक आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। 

केतु के प्रभाव से मुक्ति
नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचाती हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और केतु से होने वाले आकस्मिक नुकसान से बचाव होता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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