Shani Vakri : सभी ग्रहों में शनिदेव सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं जो एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लगाते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्म के कारक ग्रह माना गया है। शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्मों के आधार पर ही शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। ऐसे में शनि देव जब-जब राशि परिवर्तन करते हैं या फिर चाल बदलते हैं तो इसका व्यापक प्रभाव सभी राशि के जातकों के ऊपर पड़ता है। शनि इसी साल राशि बदलकर कुंभ राशि में विराजमान हैं। 17 जनवरी को शनि मकर राशि की यात्रा को विराम देते हुए कुंभ राशि में प्रवेश किया है फिर 17 जून 2023 को ही कुंभ राशि में रहते हुए वक्री चाल से चल रहे हैं। शनिदेव की यह उल्टी चाल 4 नवंबर तक रहेगी। शनि की वक्री चाल से कुछ राशि के जातकों को धनलाभ, कार्यक्षेत्र में सफलता और भाग्य का अच्छा साथ मिल रहा है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे भाग्यशाली राशियां...