वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षो तक रहते हैं फिर दूसरी राशि में गोचर करते हैं, इसके अलावा शनिदेव समय-समय पर वक्री और मार्गी होते है जिसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। शनिदेव अभी कुंभ राशि में हैं और 30 जून को वक्री होने जा रहे हैं। शनि का वक्री होना सभी राशियों के जातकों के ऊपर अवश्य पड़ेगा। ऐसे में कुछ राशि वालों को अच्छा शुरू होने वाला है। इनको मान-सम्मान और धन-संपत्तियों में काफी इजाफा हो सकता है। आइए जानते हैं किन-किन राशियों को लाभ मिलेगा।