Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। शनि को ज्योतिष शास्त्र में कर्मफलदाता, न्याय का देवता और दंडाधिकारी माना जाता है। यह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनि अभी गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में हैं, जो इस राशि में जून 2027 तक रहने वाले हैं। वर्ष 2027 में ये मीन से मेष राशि में गोचर करेंगे। लेकिन इस दौरान यह समय-समय पर किसी दूसरे ग्रहों के साथ युति और द्दष्टि संबंध डालते रहेंगे। जिस कारण से इनका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर पड़ेगा। आपको बता दें कि शनि अभी गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में विराजमान हैं और जुलाई माह में इसी राशि में वक्री यानी उल्टी चाल से चलने लगेंगे। 27 जुलाई को शनि मीन राशि में मार्गी से वक्री हो जाएंगे और ये 138 दिनों तक इसी अवस्था में रहने के बाद 11 दिसंबर को दोबारा से मार्गी हो जाएंगे। जुलाई में शनि के वक्री होने से कुछ राशि वालों को विशेष लाभ मिलने के योग बनेंगे। ऐसे में आइए आइए जानते हैं किन-किन राशि वालों को इसका फायदा मिलेगा।