Shani Vakri 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को सभी ग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं और इनको कर्मफलदाता, न्याय, अनुशासन और धैर्य का कारक ग्रह माना जाता है। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं, इस तरह से सभी 12 राशियों का एक बार चक्कर लगाने में 30 वर्षों का समय लगता है। आपको बता दें शनि अभी मीन राशि में हैं और ये इस राशि में 3 जून 2027 तक रहेंगे। लेकिन शनि समय-समय पर अपनी चाल में बदलाव भी करते हैं।
शनि 27 जुलाई को को मीन राशि में रहते हुए वक्री होने वाले हैं, जो इस अवस्था में 11 दिसंबर तक रहेंगे फिर इसके बाद मार्गी हो जाएंगे। शनि के वक्री होने से सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा। लेकिन कुछ राशि वालों पर शनिदेव ज्यादा मेहरबान रहेंगे। इस दौरान करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में बड़ा फायदा होने के संकेत हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वह भाग्यशाली राशियां।