Shani Vakri Effect 2023: शनि ग्रह 17 जनवरी से ही कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान 30 जनवरी को अस्त होकर 6 मार्च को उदय हुए थे। अब वे 17 जून 2023 की रात 10 बजकर 48 मिनट पर अपनी वक्री चाल चलेंगे। 4 नवंबर 2023 को प्रातः: 8:26 बजे तक वक्री रहकर एक बार पुनः मार्गी हो जाएंगे। शनि के वक्री होने पर 4 राशि के लोगों को संभलकर रहना होगा।
कर्क राशि : आपकी राशि में मंगल देव विराजमान हैं। शनि 8वें भाव में जब वक्री होकर तो यह शुभ नहीं माना जा रहा है क्योंकि आपकी राशि पर पहले ही शनि की ढैया चल रही है। ऐसे में आपको हर कार्य को बहुत सोच समझकर करना होगा। नौकरीपेशा हैं तो कोई गलत न करें। व्यापारी हैं तो निवेश के जोखिम से बचें। सेहत का भी ध्यान रखना होगा। हालांकि आप सभी संकटों से बाहर निकल जाएंगे। Ganga Dussehra 2023: कब है गंगा दशहरा, 29 या 30 मई को? जानें सही तिथि, मुहूर्त और महत्व
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- फोटो : अमर उजाला
तुला राशि : आपकी राशि में केतु ग्रह विराजमान हैं। पंचम भाव से शनि का वक्री गोचर संबंधों के बीच गलतफहमियां पैदा करेगा जिसके चलते तनाव उत्पन्न होगा। नौकरी में सतर्कता से कार्य कार्य करते हुए वाद विवाद से बचकर रहना होगा। छात्रों के लिए यह समय अच्छा नहीं माना जा रहा है। हालांकि इससे आर्थिक हालात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। माता की सेहत का ध्यान रखना होगा।
कुंभ राशि : आपकी राशि में शनिदेव विराजमान होकर वक्री हो रहे हैं। ऐसे में आप मानसिक तनाव और दबाव महसूस करेंगे। कोई भी फैसला लेने से पहले 10 बार जरूर विचार कर लें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है। नौकरी में समय सामान्य रहेगा। व्यापारी हैं तो जरूर लाभ होगा। पति पत्नी के बीच तनाव उत्पन्न हो सकता है।
वक्री शनि से बचने के लिए आजमाएं लाल किताब के उपाय
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें।
- पराई स्त्री से कभी संबंध न रखें।
- कौवे को प्रतिदिन रोटी खिलाएं।
- अभी से ही प्रदोष या अमावस्या का व्रत रखना प्रारंभ कर दें।
- रविवार के दिन भैरव महाराज को कच्चा दूध अर्पित करें।
- अंधे, अपंगों, सेवकों और सफाइकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखें।
- शराब पीना, जुआ खेलना, ब्याज का धंधा तुरंत बंद कर दें।
- शनिवार के दिन तिल, उड़द, भैंस, लोहा, तेल, काला वस्त्र, काली गौ और जूता दान देना चाहिए।
- शनिवार के दिन छाया दान करें अर्थात कटोरी में थोड़ा-सा सरसों का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में अपने पापों की क्षमा मांगते हुए रख आएं।