Shani
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क्या होती है साढ़ेसाती ?
जब आपकी जन्म राशि यानी चन्द्रमा से बारहवें,लग्न और दूसरे भाव में शनि संचरण करता है तो उसे साढ़ेसाती कहा जाता है। साढ़े सात साल के इस संचरण को आम भाषा में साढ़े साती कहा गया है। आम तौर पर यह कष्टकारक समय होता है लेकिन कुंडली में अगर शनि योगकारक है तो जातक को उतना कष्ट नहीं होता।
क्या होती है शनि की ढैया ?
जब शनि गोचर काल में राशि से चौथे या आठवें भाव में विराजमान हों तो उस स्थिति में शनि की ढैय्या कहलाती है। दरअसल चौथे भाव से मानसिक सुख और आठवें भाव से दुर्घटना का विचार किया जाता है तो जब भी आपकी चंद्र राशि से शनि इन भाव में गोचर करता है तो उसे शनि की ढैया कहा जाता है।