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Shani Transit 2023 : 30 साल बाद कुंभ में शनि, इन राशियों की खत्म होगी साढ़ेसाती और ढैय्या, इन पर होगी शुरू

Sat, 12 Nov 2022 09:55 AM IST
विनोद शुक्ला आंनद पाराशर
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shani dev: जब आपकी जन्म राशि यानी चन्द्रमा से बारहवें,लग्न और दूसरे भाव में शनि संचरण करता है तो उसे साढ़ेसाती कहा जाता है। - फोटो : अमर उजाला
वैदिक ज्योतिष में शनि को सबसे धीमा ग्रह का दर्जा प्राप्त है। शनि एक राशि में गोचर करने में लगभग ढाई वर्ष लेते हैं। शनि को कर्म और लाभ भाव का अधिकार दिया गया है, वहीं वो राजनीति,रहस्य,खनन,तंत्र,गुप्तविद्या,तेल,खनिज के कारक कहे जाते हैं। राजनीति में शनि को जनता का कारक कहा गया है। शनि देव की कृपा के बिना कोई भी उच्च पद पर आसीन नहीं हो सकता है। 17 जनवरी 2023 को शनि 3 दशक के बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि में प्रवेश कर रहे है। उनके इस गोचर से राशियों की साढ़ेसाती और ढैया का विश्लेषण हम करने वाले है। 

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Shani - फोटो : Instagram
क्या होती है साढ़ेसाती ? 
जब आपकी जन्म राशि यानी चन्द्रमा से बारहवें,लग्न और दूसरे भाव में शनि संचरण करता है तो उसे साढ़ेसाती कहा जाता है। साढ़े सात साल के इस संचरण को आम भाषा में साढ़े साती कहा गया है। आम तौर पर यह कष्टकारक समय होता है लेकिन कुंडली में अगर शनि योगकारक है तो जातक को उतना कष्ट नहीं होता। 

क्या होती है शनि की ढैया ?
जब शनि गोचर काल में राशि से चौथे या आठवें भाव में विराजमान हों तो उस स्थिति में शनि की ढैय्या कहलाती है। दरअसल चौथे भाव से मानसिक सुख और आठवें भाव से दुर्घटना का विचार किया जाता है तो जब भी आपकी चंद्र राशि से शनि इन भाव में गोचर करता है तो उसे शनि की ढैया कहा जाता है। 
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shani dev - फोटो : iStock
वर्तमान में इन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या
वर्तमान में शनि अपनी सामान्य राशि मकर में गोचर कर रहे है तो उसके प्रभाव के कारण मिथुन और तुला राशि के जातकों की ढैय्या चल रही है वही धनु,मकर और कुम्भ राशि के जातक साढ़ेसाती के प्रभाव में चल रहे है। जैसे ही शनि 17 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे मिथुन और तुला राशि के जातकों की ढैय्या खत्म हो जाएगी वहीं धनु राशि के जातक शनि के साढ़ेसाती के काल से पूर्ण रूप से मुक्त हो जाएंगे। 

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Shani - फोटो : iStock
साल 2023 में इन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या
17 जनवरी 2023 से कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों की ढैय्या शुरू होगी। कर्क राशि के जातकों के आठवें भाव में वहीं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चौथे भाव से शनि का गोचर शुरू होगा। इसके अलावा मकर राशि की साढ़े साती का अंतिम चरण,कुंभ राशि के जातकों का मध्य और मीन राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती की शुरुआत होगी। 
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Shani Dev - फोटो : अमर उजाला
शनि को खुश करने के उपाय
1- शनि को प्रसन्न करने के लिए ॐ हं हनुमते नम: की एक माला अवश्य करें। 
2- अपने पितरों का स्मरण करते हुए पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाए। 
3- हर शनिवार गरीब की मदद करे, खाना खिलाए और शनि मंदिर में तेल का दान करें। 
4- शनि की ढैया या साढ़ेसाती में अगर दुर्घटना हो तो शनि मन्त्र ‘ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीपतये शनयो रविस्र वन्तुनः’ का किसी विद्वान ब्राह्मण से 23 हजार बार जप कराएं।
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