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शनि की साढ़ेसाती से हैं परेशान? करें ये असरदार पूजा,  मिलेगी शनि देव की कृपा

Thu, 02 Jul 2026 10:26 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Sade Sati Upay: शनि की साढ़े साती से परेशान हैं? जानें शिव और हनुमान पूजा सहित ये असरदार उपाय, जो दिला सकते हैं राहत।
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शनि साढ़ेसाती से मुक्ति के उपाय - फोटो : amar ujala

Shani Sade Sati Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी मोड़ पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव जरूर आता है। यह एक ऐसी अवधि होती है, जो लगभग सात साल छह महीने तक चलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शनि देव व्यक्ति को उसके अपने कर्मों के आधार पर फल देते हैं। जो लोग जीवन में गलत राह पर चलते हैं या पाप करते हैं, उन्हें इस दौर में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने वाले लोगों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। साढ़े साती के इस समय में व्यक्ति की तरक्की की रफ्तार धीमी हो सकती है, और सफलता पाने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। चूंकि शनि देव को कर्म का देवता माना जाता है, इसलिए इस अवधि में वे व्यक्ति से कठिन परिश्रम करवाते हैं। हालांकि यदि किसी की कुंडली में साढ़े साती का अशुभ प्रभाव चल रहा हो, तो कुछ विशेष पूजा-विधि और उपायों के माध्यम से इससे राहत पाई जा सकती है।

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साढ़े साती के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए महादेव यानी भगवान शिव की पूजा को सबसे ज्यादा कारगर माना गया है। - फोटो : Adobe stock

भगवान शिव की आराधना सबसे प्रभावशाली उपाय
साढ़े साती के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए महादेव यानी भगवान शिव की पूजा को सबसे ज्यादा कारगर माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव शनि देव के गुरु और आराध्य देव माने जाते हैं, और शनि देव ने शिव जी की कठोर तपस्या करके ही न्याय के देवता का पद प्राप्त किया था। इसी वजह से साढ़े साती के दौरान शिव जी की आराधना करने से विशेष लाभ मिलने की मान्यता है। यदि रोजाना पूजा संभव न हो, तो हर सोमवार और शनिवार को तांबे के लोटे के जल में थोड़े काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें, और साथ ही श्रद्धापूर्वक महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से शिव जी की कृपा से शनि देव शांत होते हैं और जीवन के कष्ट धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।

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संकटमोचन हनुमान जी की उपासना - फोटो : adobe stock

संकटमोचन हनुमान जी की उपासना
भगवान शिव के अलावा हनुमान जी की पूजा करने से भी साढ़े साती की पीड़ा में कमी आती है। इसके पीछे रामायण काल की एक रोचक कथा है। जब हनुमान जी ने लंका दहन किया था, उस समय रावण ने शनि देव को अपने यहां बंदी बना लिया था, और हनुमान जी ने ही उन्हें रावण की कैद से मुक्त कराया था। इस उपकार से प्रसन्न होकर शनि देव ने वचन दिया था कि वे किसी भी हनुमान भक्त को कष्ट नहीं देंगे। इसी मान्यता के चलते साढ़े साती के दौरान हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा, हनुमान बाहुक या सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन दिनों हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने तथा मीठे पान का भोग लगाने से संकट दूर होने की मान्यता है।

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काले तिल के तेल से शनि देव की मूर्ति पर अभिषेक करें। - फोटो : adobe

आचरण और आदतों में लाएं पवित्रता
शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका यह है कि व्यक्ति अपने आचार-व्यवहार को शुद्ध रखे। झूठ बोलना, चोरी करना, जुआ खेलना, नशा करना या दूसरों की निंदा करना जैसी आदतों को तुरंत छोड़ देना चाहिए। इसके साथ ही हर शनिवार सरसों या काले तिल के तेल से शनि देव की मूर्ति पर अभिषेक करें। तेल चढ़ाते समय यह ध्यान रखें कि नजरें हमेशा शनि देव के चरणों की ओर हों, उनकी आंखों में सीधे न देखें, क्योंकि मान्यता है कि शनि देव की प्रत्यक्ष दृष्टि भारी पड़ सकती है। इसके अलावा छाया दान भी किया जा सकता है, जिसमें एक बर्तन में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर वह तेल किसी जरूरतमंद को दान कर दें।

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काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाएं। - फोटो : संवाद

पशु-पक्षियों की सेवा से मिलता है लाभ
शनि देव उन लोगों से विशेष प्रसन्न रहते हैं, जो पशु-पक्षियों की सेवा करते हैं। इसलिए साढ़े साती के दौरान रोजाना या हर शनिवार मछलियों को दाना डालें, चींटियों के बिल के पास आटा-चीनी मिलाकर रखें, और घर के आसपास दिखने वाले काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाएं। यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो, तो यह रोटी गाय को भी दी जा सकती है। शनि देव को अपनी माता छाया से विशेष लगाव था, इसलिए जो लोग अपनी मां और घर के बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, उन पर शनि देव की कृपा बनी रहती है। इस कठिन दौर में रुद्राक्ष की माला से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए, और यदि संभव हो तो राजा दशरथ द्वारा रचित शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि का प्रकोप पूरी तरह शांत हो सकता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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