सभी 27 नक्षत्रों में शनि का शतभिषा नक्षत्र पर आधिपत्य है। शतभिषा नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों में 24 स्थान प्राप्त है। इस नक्षत्र की राशि कुंभ और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शनिदेव शतभिषा नक्षत्र में भ्रमण पर होते हैं सबसे शुभ फल प्रदान करते हैं। इस नक्षत्र में शनि का प्रभाव शुभ और सकारात्मक होता है। शनि देव 15 मार्च 2023 को सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर शतभिषा नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश करेंगे जहां पर ये 17 अक्तूबर 2023 तक इसी में विराजमान रहेंगे। शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं और शतभिषा में नक्षत्र में प्रवेश करने से इनकी शक्ति काफी बढ़ जाएगी। ऐसे में कुछ राशि के जातकों पर इसका सकारात्मक और शुभ प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी राशियां है जिन पर शुभ असर देखने को मिलेगा।