Shani Mangal Yog 2026: ऊर्जा-साहस के कारक ग्रह मंगल मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, इस गोचर के बाद शनि और मंगल एक-दूसरे से केंद्र की स्थिति में मौजूद हैं। इन दोनों ग्रहों का यह संयोग नकारात्मक परिणामों का प्रतीक होता है, क्योंकि दोनों प्रकृति रूप से अलग-अलग स्वभाव के हैं। बता दें, शनि जहां कर्म, अनुशासन और धैर्य के कारक हैं, वहीं मंगल साहस, ऊर्जा, क्रोध और निर्णय क्षमता को दर्शाते हैं। ऐसे में इन दोनों ग्रहों का केंद्र में आना कई लोगों के जीवन में तनाव लेकर आ सकता है। जातकों को अचानक काम में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए इन राशियों के बारे में जानते हैं।
Surya Grahan 2026: सावन शिवरात्रि के अगले दिन लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें प्रभाव और सूतक काल का समय