वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को सभी ग्रहों में सबसे मारक और सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले दोनों तरह का ग्रह माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में अगर शनिदेव शुभ स्थान पर होते हैं तो हमेशा शुभ फल ही प्रदान करते हैं। ऐसे लोग जिनके ऊपर शनिदेव की मेहरबानी होती है उन्हें भाग्य का अच्छा साथ और जीवन की हर एक सुख-सुविधा हासिल होती है। शनिदेव की कृपा होने पर व्यक्ति रंक से राजा भी बन जाता है। वहीं दूसरी तरफ अगर कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है तो ऐसी स्थिति में शनि जातकों को बहुत ही कष्ट प्रदान करते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 12 राशियों में शनि कुछ राशि वालों पर अपनी विशेष कृपा रखते हैं। शनिदेव की इन राशियों पर विशेष कृपा होने पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का कोई भी प्रभाव इन राशि वालों पर नहीं रहता है। ऐसे लोगों के जीवन में हमेशा ही धन-दौलत और सुख सुविधाएं बनी रहती है। आइए जानते हैं शनिदेव की प्रिय राशियां कौन-कौन सी हैं।