Shadashtak Yog 2026: ज्योतिष में ग्रहों की चाल का विशेष प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों के पर देखने को मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चिच अंतराल पर राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। जिसके कारण कई तरह के शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के संयोग देखने को मिलते हैं। कुछ ऐसा संयोग गुरु और बुध के बीच बना हुआ है। जिससे षडाष्टक योग का निर्माण हो रहा है। आपको बता दें कि गुरु और बुध का खास महत्व होता है। गुरु को देवताओं का गुरु माना जाता है। यह धन, वैभव, भाग्य, विवाह, धर्म, संतान, शिक्षा ,ज्ञान और समृद्धि का कारक मान जाता है। वहीं दूसरी तरफ बुध को बुद्धि, वाणी ,संचार, गणित, तर्क, व्यापार और लेखन आदि का कारक माना जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस समय देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं और बुध मकर राशि में हैं। 31 जनवरी को बुध और गुरु दोनों ही एक-दूसरे से 150 डिग्री पर आ चुके हैं जिससे षडाष्टक योग का निर्माण हुआ है। आइए जानते हैं इससे किन-किन राशि वालों को लाभ होगा।