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Shani Vakri 2022: 5 जून से शनि चलने वाले हैं उल्टी चाल, इन राशि वालों की बढ़ सकती हैं परेशानियां

Mon, 30 May 2022 11:45 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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shani dev: शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है। शनिदेव को एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लगता है। - फोटो : अमर उजाला

Shani Vakri 2022 : आज 30 मई 2022 को शनि जयंती का त्योहार है,फिर इसके फौरन बाद ही शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी। 05 जून 2022 को शनि स्वराशि यानी कुंभ में वक्री होंगे। यहां वक्री का अर्थ उल्टी चाल से है यानी शनिदेव कुंभ राशि में पीछे की ओर चलते हुए भ्रमण पर रहेंगे। वहीं फिर 12 जुलाई को दोबारा से मकर राशि में आ आएंगे। जहां पर ये पूरे साल मकर राशि में ही विराजमान रहेंगे। इसके बाद 17 जनवरी 2023 को एक बार फिर से लंबे समय तक कुंभ राशि की यात्रा पर रहेंगे। 05 जून से शनि की वक्री चाल से देश-दुनिया समेत सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। 

ज्योतिष में शनि का महत्व
ज्योतिषशास्त्र में शनि का महत्व काफी माना जाता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है जिस कारण से यह जब भी किसी एक राशि में होते हैं तो करीब वहां पर ढाई वर्षों का लगाते हैं। शनि के 29 अप्रैल को कुंभ राशि में परिवर्तन के बाद अब वक्री होने जा रहे हैं। वक्री चाल से मतलब उल्टी चाल का चलना होता है। शनि जब अपनी उल्टी चाल से चलते हैं तो इसका प्रभाव सभी जातको के जीवन पर अवश्य ही पड़ता है। इसके साथ ही देश-दुनिया पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रह वक्री चाल चलते हैं। ज्योतिष में शनि ग्रह को न्याय और कर्मफलदाता कहा जाता है। जिन व्यक्तियों के जीवन में शनि शुभ भाव में होते है वह उन्हें सदैव अच्छा फल प्रदान करते हैं वहीं अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ भाव में हो तो व्यक्ति के जीवन में काफी परेशानियां और उथल-पुथल रहती है।
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shani gochar 2022: - फोटो : अमर उजाला
शनिदेव करीब ढाई वर्षों के बाद 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि को छोड़कर अपनी दूसरी स्वराशि कुंभ में आ चुके हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी भी राशि में लंबे समय तक विराजमान रहते हैं। इस दौरान ये कुछ समय के लिए वक्री चाल से भी चलते हैं। ऐसे में शनि 05 जून को कुंभ राशि में वक्री चाल से चलना आरंभ कर देंगे। जो 23 अक्तूबर 2022 तक इसी चाल में रहेंगे। फिर इसके बाद मार्गी हो जाएंगे। शनि के वक्री चाल के कारण इसका प्रभाव सभी जातकों पर पड़ेगा,लेकिन कुछ राशियों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा।
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Cancer - फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि 
शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही कर्क राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू हो चुकी है। 05 जून 2022 से शनि के कुंभ राशि में वक्री चाल चलने से इस राशि के जातको का ज्यादा सावधान होने की जररूत होगी। नौकरी में ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता होगी। धन हानि होने के संकेत मिल रहे हैं। इस दौरान किसी को भी धन उधार न दें नहीं वरना वापस मिलने की संभावना नहीं है।

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Capricorn - फोटो : अमर उजाला
मकर राशि 
इस राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल नुकसानदेह साबित होने के संकेत हैं। नौकरी में तरह-तरह की बाधाएं आ सकती हैं। व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला होगा। 
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Scorpio - फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक राशि
इस राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। ऐसे में शनि की वक्री चाल से इस राशि के जातकों को धन हानि होने की संभावना है। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद पैदा हो सकता है। परिवार के सदस्यों के संग मनमुटाव हो सकता है। यात्रा करते समय सावधानी बरतें। 
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