24 जनवरी से मकर राशि में शनि का भ्रमण
30 साल बाद शनि के मकर राशि में प्रवेश पर वृषभ राशि पर असर
वृषभ राशि
आपकी राशि से नवम भाग्य भाव में शनि का चांदी के पाए पर होकर गोचर करना अति भाग्यवर्धक सिद्ध होगा, क्योंकि चांदी के पाए पर शनिदेव का विचरण करना प्राणियों के द्वारा प्रतियोगिता एवं कार्य-व्यापार हेतु किये सभी किए गए सभी प्रयासों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। काल पुरुष की कुंडली में नवम भाव से जातक के भाग्य, धर्म, तीर्थयात्रा, यश, पत्नी के भाई बहन, संन्यास स्वप्नावस्था, शिक्षा, गुरु-आचार्य,पौत्र-पौत्री विदेश यात्रा एवं भाग्योदय वर्षों आदि का विचार किया जाता है। बृषभ राशि अथवा लग्न में पैदा हुए जातकों के लिए शनि देव अकेले ही राजयोग कारक होते हैं। अतः इनकी मूलत्रिकोण की यात्रा और योग कारक होकर दशम कर्म भाव का स्वामी होकर नवम भाग्यभाव में बैठना महान योग का निर्माण कर रहा है।