फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saturn Transit 2020: बदलने वाली है शनि की चाल, वृष राशि वाले होंगे मालामाल या कंगाल ?

Sat, 18 Jan 2020 08:48 PM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री
विज्ञापन
1 of 8
rashifal 2020
करीब ढाई साल के लंबे समय में न्यायाधीश शनि राशि बदलने वाले हैं। 24 जनवरी 2020 को शनि धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के मकर राशि में प्रवेश करते ही सभी 12 राशियों पर इनका प्रभाव पड़ेगा। शनि के राशि परिवर्तन से कई राशि के जातकों के अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे तो वहीं कुछ की परेशानियां बढ़ेंगी। शनि के मकर राशि में गोचर से वृष राशि के जातकों पर कितना असर पड़ेगा आइए जानते हैं।

विज्ञापन

2 of 8
rashifal 2020 taurus
साल 2020 में वृष राशि पर शनि की साढ़ेसाती
शनि के मकर राशि में प्रवेश से वृष राशि वालों के ऊपर चल रही शनि की ढैय्या उतर जाएगी। साल 2020 में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का कोई प्रभाव नहीं होगा। आने वाले 30 वर्षों में वृष राशि पर कब-कब शनि की साढ़ेसाती लगेगी आगे जानते हैं।
विज्ञापन

3 of 8
saturn transit 2020 - फोटो : saturn transit 2020
वृष राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब से और कब तक
साढ़ेसाती- 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक
ढय्या- 27 अगस्त 2036 से 22 अक्टूबर 2038 तक

4 of 8
24 जनवरी से मकर राशि में शनि का भ्रमण
30 साल बाद शनि के मकर राशि में प्रवेश पर वृषभ राशि पर असर
वृषभ राशि
आपकी राशि से नवम भाग्य भाव में शनि का चांदी के पाए पर होकर गोचर करना अति भाग्यवर्धक सिद्ध होगा, क्योंकि चांदी के पाए पर शनिदेव का विचरण करना प्राणियों के द्वारा प्रतियोगिता एवं कार्य-व्यापार हेतु किये सभी किए गए सभी प्रयासों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। काल पुरुष की कुंडली में नवम भाव से जातक के भाग्य, धर्म, तीर्थयात्रा, यश, पत्नी के भाई बहन, संन्यास स्वप्नावस्था, शिक्षा, गुरु-आचार्य,पौत्र-पौत्री विदेश यात्रा एवं भाग्योदय वर्षों आदि का विचार किया जाता है। बृषभ राशि अथवा लग्न में पैदा हुए जातकों के लिए शनि देव अकेले ही राजयोग कारक होते हैं। अतः इनकी मूलत्रिकोण की यात्रा और योग कारक होकर दशम कर्म भाव का स्वामी होकर नवम भाग्यभाव में बैठना महान योग का निर्माण कर रहा है। 
विज्ञापन

5 of 8
shani dev
आपकी राशि से केंद्र और त्रिकोण का स्वामी होने के कारण शनिदेव आपको इस वर्ष कई ऐसे अप्रत्याशित परिणाम देंगे, जिसकी आपने कल्पना नहीं की होगी। मकान अथवा वाहन के क्रय के योग बन रहा है इसलिए कोई अनुबंध पर हस्ताक्षर भी करना हो तो हिचकिचाएं नही आगे बढ़ें, सफलता आपकी प्रतीक्षा में हैं। व्यापारिक वर्ग के लिए इनका का गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आप नया कार्य-व्यापार आरंभ करना चाह रहे हों तो बेहतरीन अवसर है, यह ग्रह स्थितियां आपके लिए सुखद परिणाम वाली सिद्ध होंगी। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता एवं विदेशी कंपनियों में नौकरी हेतु आवेदन के बेहतरीन योग बन रहे हैं। यहां तक कि यदि आप नए अनुबंध पर भी हस्ताक्षर करना चाहेंगे तो भी सफल रहेंगे इसलिए कभी भी निर्णय लेने में विलंब ना करें। 
विज्ञापन

6 of 8
shani dev
विदेश यात्रा अथवा वीजा आदि के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो भी ये आपके कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करेंगे। भाग्य भाव में बैठकर शनिदेव आपके एकादश लाभस्थान को देख रहे हैं जिसके फलस्वरूप आय के एक से अधिक साधन तो बनेंगे ही कई तरह की आमदनी से आप का मुद्रागत ढांचा भी मजबूत होगा। इस दृष्टि का एक अशुभ प्रभाव यह भी हो सकता है कि परिवार के बड़े सदस्यों अथवा बड़े भाइयों से आपके आपसी मतभेद उभर कर सामने आएँ, इसलिए अपनी जिद्द एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए अपने स्वभाव में शालीनता बरकरार रखेंगे तो सफलता और अच्छी मिलेगी।
विज्ञापन

7 of 8
taurus
इसी भाव से इनकी दृष्टि आपके पराक्रम भाव पर भी पड़ रही है जिसके प्रभावस्वरूप आपके द्वारा किएगए कार्य एवं लिएगए निर्णयों की सराहना भी होगी। राजनीति अथवा राजनेताओं से गहरे संबंध बनेंगे। यदि आप चुनाव से संबंधित कोई निर्णय लेना चाह रहे हों तो परिणाम आपके पक्ष में रहेगा प्रयास तेज करें। शनि की पूर्ण दृष्टि आपकी छठें ऋण रोग एवं शत्रु भाव पर भी पड़ रही है अतः स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी विशेष करके पेट संबंधी रोगों से बचना पड़ेगा। जमीन जायदाद से जुड़े हुए अन्य मामलों का निपटारा तो होगा ही साथ ही कोर्ट कचहरी के अन्य मामलों में भी सफलता मिलेगी। गुप्त शत्रु बनेंगे भी और नष्ट भी होंगे।
विज्ञापन

8 of 8
saturn transit 2020
शनि के शुभ प्रभावों में वृद्धि के उपाय-
शनि देव के शुभ प्रभाव में और वृद्धि करने के लिए पीपल वृक्ष के नीचे शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसी वृक्ष की परिक्रमा करें। संभव हो तो बेल और पीपल के वृक्षों का आरोपण करें। इसके अतिरिक्त शनिदेव के वैदिक मंत्र, कवच एवं शनि स्तोत्र  का पाठ करने से शनि जन्य दोषों से मुक्ति मिलेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें